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नियमितीकरण, वेतन निर्धारण के लिए सड़क पर उतरे होमगार्ड
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जम्मू। नियमितीकरण और वेतन निर्धारण की मांग पूरी नहीं होने पर होमगार्ड सोमवार को सड़क पर उतर आए। तवी पुल जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर आवाज बुलंद की। पुल से जबरन हटाने के दौरान खूब बवाल हुआ। पुलिस ने बल प्रयोग करने के साथ ही कई होमगार्ड को हिरासत में लिया है।
होमगार्ड एसोसिएशन की प्रधान कमला शर्मा ने सरकार से होमगार्ड के नियमितीकरण के लिए एक नीति बनाने और छह साल की सेवा के सामान्य विराम को रोकने की मांग उठाई है। बताया कि कई होमगाड ने विभाग की 20 से 25 साल तक सेवा की है और हमेशा देशभक्ति के साथ कर्तव्य के लिए खड़े रहे हैं। एक तरफ पुलिस के जवानों को एक दिन के दो से तीन हजार रुपये मिलते हैं, लेकिन होमगार्ड को 27 सौ रुपये प्रति माह दिए जाते हैं। इससे घर का राशन तक नहीं आता है। प्रदर्शनकारियों ने अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तर्ज पर मासिक, अन्य सेवा लाभ और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को लागू करने की मांग उठाई। कर्मी आवाज को बुलंद करने के लिए सोमवार दोपहर को तवी पुल पर जमा हो गए और पुल को जाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जबरन उन्हें वहां से हटाया। इस बीच कर्मियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई, जिसके बाद बल प्रयोग किया गया।
ये हैं मांगें
होमगार्ड के 1400 कर्मियों की मांग में होमगार्डों का नियमितीकरण, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार वेतन का निर्धारण, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तर्ज पर लाभ देना शामिल है।
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होमगार्ड एसोसिएशन की प्रधान कमला शर्मा ने सरकार से होमगार्ड के नियमितीकरण के लिए एक नीति बनाने और छह साल की सेवा के सामान्य विराम को रोकने की मांग उठाई है। बताया कि कई होमगाड ने विभाग की 20 से 25 साल तक सेवा की है और हमेशा देशभक्ति के साथ कर्तव्य के लिए खड़े रहे हैं। एक तरफ पुलिस के जवानों को एक दिन के दो से तीन हजार रुपये मिलते हैं, लेकिन होमगार्ड को 27 सौ रुपये प्रति माह दिए जाते हैं। इससे घर का राशन तक नहीं आता है। प्रदर्शनकारियों ने अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तर्ज पर मासिक, अन्य सेवा लाभ और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को लागू करने की मांग उठाई। कर्मी आवाज को बुलंद करने के लिए सोमवार दोपहर को तवी पुल पर जमा हो गए और पुल को जाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जबरन उन्हें वहां से हटाया। इस बीच कर्मियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई, जिसके बाद बल प्रयोग किया गया।
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ये हैं मांगें
होमगार्ड के 1400 कर्मियों की मांग में होमगार्डों का नियमितीकरण, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार वेतन का निर्धारण, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तर्ज पर लाभ देना शामिल है।
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