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हड़ताल 14वें दिन भी जारी रही, जल संकट बरकरार
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जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों की हड़ताल 14वें दिन वीरवार को भी जारी रही। कर्मियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हड़ताल से शहर के कई इलाकों में जल संकट बरकरार है। कुछ इलाकों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है लेकिन पूरा नहीं पड़ रहा। लोगों को रोजाना के कामों को निपटाने में आ दिक्कत आ रही है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मियों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने उपराज्यपाल से मांगों की तरफ ध्यान देने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कम वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस देने को पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह लोग राष्ट्रवादी हैं और उन्हें पूरा अधिकार है कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाएं। उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द न मानीं तो आंदोलन और उग्र होगा। मांगें माने जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।
पीडीडी कर्मियों की हड़ताल से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही
जम्मू। पीडीडी, लोक निर्माण, कृषि और बागवानी विभाग के अस्थायी मुलाजिमों ने चौथे दिन भी धरना प्रदर्शन किया। हड़ताल से कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित रही। समस्या ठीक करने में घंटों लगे। हड़ताली कर्मचारी नियमित करने, न्यूनतम वेतन एक्ट लागू करने और लंबित वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं। हड़ताल से कई विभागों में कामकाज प्रभावित रहा।
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बिजली कारपोरेशन के अस्थायी कर्मियों का कहना है कि वह 5 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी नहीं किया जा रहा। उधर लोक निर्माण विभाग के कर्मियों का कहना है कि यूटी बनने के बाद एक उम्मीद जगी थी कि हालात में सुधार होगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। सरकार की तरफ से उनकी मांगों को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। उन्हें न स्थायी किया जा रहा और न ही कई महीनों का लंबित वेतन जारी किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कई अन्य सरकारी विभागों के अस्थायी कर्मी भी हड़ताल पर जा सकते हैं। शनिवार को अगली रणनीति तय की जाएगी।
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प्रदर्शन के दौरान कर्मियों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने उपराज्यपाल से मांगों की तरफ ध्यान देने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कम वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस देने को पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह लोग राष्ट्रवादी हैं और उन्हें पूरा अधिकार है कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाएं। उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द न मानीं तो आंदोलन और उग्र होगा। मांगें माने जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।
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पीडीडी कर्मियों की हड़ताल से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही
जम्मू। पीडीडी, लोक निर्माण, कृषि और बागवानी विभाग के अस्थायी मुलाजिमों ने चौथे दिन भी धरना प्रदर्शन किया। हड़ताल से कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित रही। समस्या ठीक करने में घंटों लगे। हड़ताली कर्मचारी नियमित करने, न्यूनतम वेतन एक्ट लागू करने और लंबित वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं। हड़ताल से कई विभागों में कामकाज प्रभावित रहा।
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बिजली कारपोरेशन के अस्थायी कर्मियों का कहना है कि वह 5 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी नहीं किया जा रहा। उधर लोक निर्माण विभाग के कर्मियों का कहना है कि यूटी बनने के बाद एक उम्मीद जगी थी कि हालात में सुधार होगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। सरकार की तरफ से उनकी मांगों को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। उन्हें न स्थायी किया जा रहा और न ही कई महीनों का लंबित वेतन जारी किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कई अन्य सरकारी विभागों के अस्थायी कर्मी भी हड़ताल पर जा सकते हैं। शनिवार को अगली रणनीति तय की जाएगी।