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फारूक की अगुवाई में संसद के बाहर धरने पर बैठे नेकां सांसद
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श्रीनगर। हैदरपोरा और रामबाग मुठभेड़ की न्यायिक जांच के लिए सोमवार को नेकां सांसदों ने संसद के बाहर धरना दिया। सांसदों ने दोनों घटनाओं की समयबद्ध न्यायिक जांच की मांग की। साथ ही भाजपा के पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को भी कृषि कानूनों की तर्ज पर रद्द करने की मांग की।
धरने में नेकां अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ सांसद हसनैन मसूदी और मुहम्मद अकबर लोन शामिल रहे। इस दौरान सांसद हाथों में तख्तियां लिए हुे थे जिन पर हैदरपोरा, रामबाग मुठभेड़ में मारे गए लोगों की तस्वीरें दिखाई दे रही थीं। तख्तियों पर यह भी लिखा था कि कृषि कानूनों की तरह अनुच्छेद 370 और 35ए को बहाल कर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा वापस दिलाया जाए।
बता दें कि हैदरपोरा मुठभेड़ में आतंकी समेत चार लोग मारे गए। इनमें से तीन के परिवार वालों का दावा है कि उनका आतंकवाद के साथ कोई संबंध नहीं है। पहले हुए प्रदर्शन के बाद मुठभेड़ में मारे गए श्रीनगर के दो लोगों के शव परिवार वालों को सौंप दिए गए। लेकिन रामबन का परिवार अभी भी बेटे आमिर के शव का इंतजार कर रहा है। पुलिस के अनुसार रामबाग मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए। एलजी मनोज सिन्हा ने हैदरपोरा मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। लेकिन नेकां सांसद समयबद्ध तरीके से न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं।
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उमर ने किया ट्वीट -लोकतंत्र का नया मॉडल
कृषि कानूनों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि बिना चर्चा के पारित कानून, बिना चर्चा के निरस्त कर दिया। नए भारत के लिए लोकतंत्र का यह एक नया मॉडल है।
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धरने में नेकां अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ सांसद हसनैन मसूदी और मुहम्मद अकबर लोन शामिल रहे। इस दौरान सांसद हाथों में तख्तियां लिए हुे थे जिन पर हैदरपोरा, रामबाग मुठभेड़ में मारे गए लोगों की तस्वीरें दिखाई दे रही थीं। तख्तियों पर यह भी लिखा था कि कृषि कानूनों की तरह अनुच्छेद 370 और 35ए को बहाल कर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा वापस दिलाया जाए।
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बता दें कि हैदरपोरा मुठभेड़ में आतंकी समेत चार लोग मारे गए। इनमें से तीन के परिवार वालों का दावा है कि उनका आतंकवाद के साथ कोई संबंध नहीं है। पहले हुए प्रदर्शन के बाद मुठभेड़ में मारे गए श्रीनगर के दो लोगों के शव परिवार वालों को सौंप दिए गए। लेकिन रामबन का परिवार अभी भी बेटे आमिर के शव का इंतजार कर रहा है। पुलिस के अनुसार रामबाग मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए। एलजी मनोज सिन्हा ने हैदरपोरा मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। लेकिन नेकां सांसद समयबद्ध तरीके से न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं।
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उमर ने किया ट्वीट -लोकतंत्र का नया मॉडल
कृषि कानूनों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि बिना चर्चा के पारित कानून, बिना चर्चा के निरस्त कर दिया। नए भारत के लिए लोकतंत्र का यह एक नया मॉडल है।