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जम्मू विवि में अब विभागों का नाम डोगरी में भी लिखा जाएगा: प्रो. राय
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बोले, भाषा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय में कंप्यूटर लैब का डोगरी में विकास होगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय के हर विभाग का नाम हिंदी, अंग्रेजी के साथ-साथ अब डोगरी में भी होगा। विश्वविद्यालय डोगरी के विकास के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। अब कंप्यूटर प्रयोगशालाओं का डोगरी भाषा में विकास होगा।
ये बातें जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमेश राय ने डोगरी और अंग्रेजी विभागों द्वारा कुंवर वियोगी ट्रस्ट के सहयोग से ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह ऑडिटोरियम में आयोजित पांचवें कुंवर वियोगी स्मारक व्याख्यान के दौरान कहीं। व्याख्यान का विषय नया जम्मू - विरासत, भाषा, संस्कृति और शिक्षा का संरक्षण था। इसमें महत्वपूर्ण प्रश्नों के इर्द-गिर्द गहन चर्चा हुई। व्याख्यान में डॉ. रितु सिंह मुख्य वक्ता थीं। उन्होंने सक्रिय भागीदारी न होने से डोगरी भाषा के विलुप्त होने की चिंता जताई।
वक्ताओं ने कहा कि भाषाओं को तकनीक से जोड़ने से ही भाषाओं का विकास होगा। एक डोगरी एप के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं जम्मू के डाॅक्टर मरीजों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को जम्मू के रीति -रिवाज के साथ जोड़ना है तभी हमारी संस्कृति और भाषा का विकास होगा। डॉ. रितु सिंह ने कहा कि हम रीति- रिवाज और आधुनिकता के समावेश से नया जम्मू का निर्माण करेंगे। हम अपने रीति-रिवाज और भाषा के माध्यम से डोगरी गीत और कविताओं को बढ़ावा देंगे।
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जम्मू ऐतिहासिक स्थानों और मंदिरों से जाना जाता है। हमें डोगरी से जुड़कर आधुनिक फैशन से जुड़ना है और डोगरी सूट और डोगरी झुमके के माध्यम से पूरे विश्व में अपना डोगरी रिवाज फैलाना है। उन्होंने डुग्गर केसरी अखबार शुरू करने के लिए कहा जो साप्ताहिक या मासिक होगी। समारोह में विभिन्न विभाग के टॉपर बच्चों डोगरी में शिखा शर्मा, राहुल सिंह और अंग्रेजी में स्पर्श दूबे को पुरस्कृत किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय के हर विभाग का नाम हिंदी, अंग्रेजी के साथ-साथ अब डोगरी में भी होगा। विश्वविद्यालय डोगरी के विकास के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। अब कंप्यूटर प्रयोगशालाओं का डोगरी भाषा में विकास होगा।
ये बातें जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमेश राय ने डोगरी और अंग्रेजी विभागों द्वारा कुंवर वियोगी ट्रस्ट के सहयोग से ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह ऑडिटोरियम में आयोजित पांचवें कुंवर वियोगी स्मारक व्याख्यान के दौरान कहीं। व्याख्यान का विषय नया जम्मू - विरासत, भाषा, संस्कृति और शिक्षा का संरक्षण था। इसमें महत्वपूर्ण प्रश्नों के इर्द-गिर्द गहन चर्चा हुई। व्याख्यान में डॉ. रितु सिंह मुख्य वक्ता थीं। उन्होंने सक्रिय भागीदारी न होने से डोगरी भाषा के विलुप्त होने की चिंता जताई।
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वक्ताओं ने कहा कि भाषाओं को तकनीक से जोड़ने से ही भाषाओं का विकास होगा। एक डोगरी एप के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं जम्मू के डाॅक्टर मरीजों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को जम्मू के रीति -रिवाज के साथ जोड़ना है तभी हमारी संस्कृति और भाषा का विकास होगा। डॉ. रितु सिंह ने कहा कि हम रीति- रिवाज और आधुनिकता के समावेश से नया जम्मू का निर्माण करेंगे। हम अपने रीति-रिवाज और भाषा के माध्यम से डोगरी गीत और कविताओं को बढ़ावा देंगे।
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जम्मू ऐतिहासिक स्थानों और मंदिरों से जाना जाता है। हमें डोगरी से जुड़कर आधुनिक फैशन से जुड़ना है और डोगरी सूट और डोगरी झुमके के माध्यम से पूरे विश्व में अपना डोगरी रिवाज फैलाना है। उन्होंने डुग्गर केसरी अखबार शुरू करने के लिए कहा जो साप्ताहिक या मासिक होगी। समारोह में विभिन्न विभाग के टॉपर बच्चों डोगरी में शिखा शर्मा, राहुल सिंह और अंग्रेजी में स्पर्श दूबे को पुरस्कृत किया गया।