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J&K: माफी के बाद अब फिर से धरे जाएंगे पेशेवर पत्थबाज, गृह मंत्रालय ने सरकार को दी एडवाइजरी
राघवेंद्र नारायण मिश्रा, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 17 Jun 2018 06:47 PM IST
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kashmir
- फोटो : BASIT ZARGAR
पेशेवर पत्थरबाजों पर फिर से शिकंजा कसेगा। अमरनाथ यात्रियों के जत्थे पर पथराव की साजिश के इनपुट के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर पत्थरबाजों पर शिकंजा कसने को कहा है।
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अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के मद्देनजर कश्मीर के आतंकियों के खिलाफ दो दर्जन इलाकों में एक साथ कासो (घेरकर सघन तलाशी) चलाने की तैयारी है। एकतरफा सीजफायर समाप्त करने के ऐलान के साथ ही सुरक्षा बलों का अभियान शुरू हो जाएगा। कासो के दौरान सुरक्षा बलों पर पथराव रोकने के लिए इस बार रणनीति में भी बदलाव किया जा रहा है।
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पहले चरण में 1000 पत्थरबाज निशाने पर
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में लगभग एक हजार पेशेवर पत्थरबाजों पर शिंकजा कसने की तैयारी है। जम्मू कश्मीर पुलिस इसके लिए छापे की योजना को अंतिम रूप दे चुकी है।
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बदली रणनीति के तहत अब कासो देर रात शुरू होंगे ताकि पत्थरबाजों को जमा होने को मौका नहीं मिल सके। साथ ही कासो वाले इलाके की संपर्क सड़कों पर नाका लगाकर सीआरपीएफ को तैनात किया जाएगा ताकि दूसरे गांवों के पत्थरबाजों को कासो स्थल तक आने से रोका जा सके।
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अमरनाथ यात्रियों और लंगर कमेटियों पर हमले के इनपुट
अमरनाथ यात्रियों के जत्थों और लंगर कमेटियों पर पथराव और आतंकी हमले की साजिश के इनपुट के बाद सतर्कता बढ़ाई गई है। पंजाब और अन्य प्रांतों से आए लंगर कमेटियों के जत्थे वर्तमान में जम्मू में रोक लिए गए हैं।
रामबन, बनिहाल, काजीगुंड और अनंतनाग में पत्थरबाजी की आशंका ज्यादा है लिहाजा सेना की रोड ओपनिंग पार्टियों को सोमवार से सक्रिय किया जाएगा।
रामबन, बनिहाल, काजीगुंड और अनंतनाग में पत्थरबाजी की आशंका ज्यादा है लिहाजा सेना की रोड ओपनिंग पार्टियों को सोमवार से सक्रिय किया जाएगा।
9730 पत्थरबाजों को दी गई थी माफी
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति के बाद रियासत में 9730 पत्थरबाजों को माफी दी थी। केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा ने इसकी अनुशंसा की थी। गृह मंत्रालय ने विश्वास बहाली के लिए दी गई इस माफी के नकारात्मक नतीजों की समीक्षा की है।
सूत्रों के मुताबिक समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि जिन पत्थरबाजों को माफी दी गई उनमें कोई सुधार नहीं आया। माफी के बाद जेल से छूटे पत्थरबाज फिर सुरक्षा बलों पर पत्थर बरसा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि जिन पत्थरबाजों को माफी दी गई उनमें कोई सुधार नहीं आया। माफी के बाद जेल से छूटे पत्थरबाज फिर सुरक्षा बलों पर पत्थर बरसा रहे हैं।
सीजफायर के दौरान संगठित हुए पत्थरबाज
रमजान के दौरान एकतरफा सीजफायर के कारण सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों पर विराम लग गया। इससे पत्थरबाजों को संगठित हुए। अमरनाथ यात्रा और लंगर कमेटियों पर पथराव की साजिश इसी दौरान बुनी गई। सूत्रों के मुताबिक सिर्फ दक्षिण कश्मीर में पत्थरबाजों के चार सौ से अधिक दस्ते सक्रिय हैं।