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जम्मू कश्मीर: प्रदेश की अदालतों की कार्यवाही लाइव दिखेगी, पारदर्शिता लाने के लिए उठाया महत्वपूर्ण कदम

Tue, 28 Feb 2023 02:25 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 28 Feb 2023 02:25 AM IST
सार

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल शहजाद अजीम ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। जारी आदेश में कहा गया है कि अदालती मामलों में न्याय प्रणाली में तेजी और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से कार्यवाही को लाइव दिखाया जाएगा।

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proceedings courts of Jammu Kashmir will seen live, steps have been taken bring transparency
highcourt srinagar - फोटो : फाइल

विस्तार

प्रदेश उच्च न्यायालय में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब अदालती मामलों की कार्यवाही लाइव या फिर रिकार्डेंड देखी जा सकेगी। इसके लिए जरूरी ढांचा और अन्य प्रक्रिया पूरी करने का आदेश जारी किया गया है।

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हालांकि दुष्कर्म, पाक्सो, विवाह विवाद समेत कुछ अन्य मामलों की सुनवाई लाइव स्ट्रीमिंग से बाहर होगी। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल शहजाद अजीम ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। जारी आदेश में कहा गया है कि अदालती मामलों में न्याय प्रणाली में तेजी और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से कार्यवाही को लाइव दिखाया जाएगा।
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इसके लिए एक ढांचा तैयार किया जाए। इसमें रिकार्डिंग भी होनी चाहिए। इस प्रक्रिया के लिए कोर्ट रूम में पांच कैमरे लगाए जाएंगे। पहला कैमरा जजों की पीठासीन की तरफ होगा। दूसरा और तीसरा कैमरा उन वकीलों की तरफ होगा जो मामलों में अपना पक्ष रख रहे होंगे।
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चौथा कैमरा आरोपी और पांचवां कैमरा गवाहों की तरफ होगा। जजों के पास एक रिमोट कंट्रोल होगा, जिसका इस्तेमाल कर वह किसी भी वक्त लाइव स्ट्रीमिंग को चला सकते हैं और रोक सकते हैं। पीठासीन जजों की सहमति लेकर वकील, आरोपी, गवाह समेत अन्य लोग बोलने के लिए माइक्रोफोन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

हर एक कोर्ट कांप्लेक्स में एक कंट्रोल रूम स्थापित होगा। इसमें तकनीकी विशेषज्ञ, एक अधिकारी होगा। जो कार्यवाही की रिकार्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग की निगरानी करेंगे। इसकी कवरेज आईटी रजिस्ट्रार के सहयोग से होगी।

लाइव स्ट्रीमिंग में यह नहीं शामिल

विवाह विवाद संबंधी मामलों, बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया, बच्चों की कस्टडी, दुष्कर्म, पाक्सो, जजों की आपसी बातचीत, मीडिया और आम नागरिक रिकार्डिंग नहीं कर सकते, स्टाफ को जजों द्वारा दिए जाने वाले आदेश, जजों को दिए जाने वाले दस्तावेज लाइव स्ट्रीमिंग में नहीं होंगे।

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