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पंचायत पंगदौर की सरपंच रीना चौधरी को पद से बर्खास्त करने पर रोष
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रठाना पंचायत की सरपंच व पंच पत्रकारों को जानकारी देते हुए
- फोटो : RSPURA
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आरएस पुरा। अविश्वास प्रस्ताव लाकर सांबा की सीमावर्ती पंचायत पंगदौर की सरपंच रीना चौधरी को उसके पद से बर्खास्त किए जाने का ब्लॉक आरएस पुरा की रठाना पंचायत की सरपंच शक्ति बाला एवं पंच जसपाल ने कड़ा विरोध जताया।
पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सरपंच रीना चौधरी को बर्खास्त करके संबंधित विभाग ने लोकतंत्र का गला दबाने का कार्य किया है। इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि रीना चौधरी को जल्द बहाल किया जाना चाहिए, नहीं तो आरएस पुरा ब्लॉक के सरपंच भी उनके समर्थन में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
इस दौरान सरपंच शक्ति बाला एवं अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि एक तरफ जहां सरकार पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए कार्य कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ लोकतंत्र का गला घोंटकर सरपंचों को बर्खास्त किया जा रहा है। सरपंच जनता का चुना गया प्रतिनिधि होता है। और, सरपंच को हटाने का अधिकार भी जनता के पास ही होना चाहिए। न कि कुछ पंच मिलकर झूठे आरोप लगाकर सरपंच को बर्खास्त कर दें। इस तरह के फैसले का हम पूरी तरह से विरोध करते हैं। और, उपराज्यपाल से मांग करते हैं कि रीना चौधरी को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला सरपंच होने के नाते उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके पीछे राजनीतिक साजिश है। पंचों के लाए अविश्वास प्रस्ताव को जल्द से जल्द रद्द किया जाना चाहिए, और इस आदेश को वापस लिया जाना चाहिए।
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पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सरपंच रीना चौधरी को बर्खास्त करके संबंधित विभाग ने लोकतंत्र का गला दबाने का कार्य किया है। इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि रीना चौधरी को जल्द बहाल किया जाना चाहिए, नहीं तो आरएस पुरा ब्लॉक के सरपंच भी उनके समर्थन में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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इस दौरान सरपंच शक्ति बाला एवं अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि एक तरफ जहां सरकार पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए कार्य कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ लोकतंत्र का गला घोंटकर सरपंचों को बर्खास्त किया जा रहा है। सरपंच जनता का चुना गया प्रतिनिधि होता है। और, सरपंच को हटाने का अधिकार भी जनता के पास ही होना चाहिए। न कि कुछ पंच मिलकर झूठे आरोप लगाकर सरपंच को बर्खास्त कर दें। इस तरह के फैसले का हम पूरी तरह से विरोध करते हैं। और, उपराज्यपाल से मांग करते हैं कि रीना चौधरी को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला सरपंच होने के नाते उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके पीछे राजनीतिक साजिश है। पंचों के लाए अविश्वास प्रस्ताव को जल्द से जल्द रद्द किया जाना चाहिए, और इस आदेश को वापस लिया जाना चाहिए।
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