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अमरनाथ यात्रा के दौरान आम लोगों की आवाजाही बंद न करे प्रशासन
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रामबन। अमरनाथ यात्रा के दौरान हाईवे खासकर बनिहाल-नाशरी स्ट्रेच पर आम लोगों का यातायात घंटों प्रतिबंधित रहता है। इसको लेकर नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जिलाध्यक्ष रामबन सज्जाद शाहीन ने चिंता व्यक्त की है।
आम लोगों की आवाजाही पर रोक की निंदा करते हुए नेकां नेता ने इसे लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। कहा कि सुरक्षा एजेंसियों से ज्यादा कश्मीरी लोग यात्रा को सफल बनाते हैं। लेकिन, उनकी आवाजाही रोककर प्रशासन लोगों को भारी परेशानी में डाल रहा है। यात्रा के दौरान हाईवे पर यातायात कभी बंद नहीं किया गया। अगर प्रतिबंध आदेश की समीक्षा नहीं की गई तो यह उपाय जम्मू-कश्मीर में मानवीय संकट को जन्म देने के लिए बाध्य हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की गरिमा यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने के समान ही है। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और नागरिकों की आवाजाही पर कठोर प्रतिबंध ऐसे उपाय हैं जो विश्वास दिलाते हैं कि यात्रा पहली बार हो रही है। खीर भवानी और माता वैष्णो देवी की तरह अमरनाथ यात्रा कश्मीर की विरासत का हिस्सा है। पाबंदी का फरमान न केवल आम आदमी, बल्कि छात्रों, मरीजों, सरकारी कर्मचारियों और व्यापारिक समुदाय को बड़ी असुविधा दे रहा है। यह पर्यटन और व्यापार को प्रभावित करेगा। उन्होंने मांग की कि यात्रा के दौरान आम लोगों की आवाजाही को न रोका जाए।
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आम लोगों की आवाजाही पर रोक की निंदा करते हुए नेकां नेता ने इसे लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। कहा कि सुरक्षा एजेंसियों से ज्यादा कश्मीरी लोग यात्रा को सफल बनाते हैं। लेकिन, उनकी आवाजाही रोककर प्रशासन लोगों को भारी परेशानी में डाल रहा है। यात्रा के दौरान हाईवे पर यातायात कभी बंद नहीं किया गया। अगर प्रतिबंध आदेश की समीक्षा नहीं की गई तो यह उपाय जम्मू-कश्मीर में मानवीय संकट को जन्म देने के लिए बाध्य हैं।
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उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की गरिमा यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने के समान ही है। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और नागरिकों की आवाजाही पर कठोर प्रतिबंध ऐसे उपाय हैं जो विश्वास दिलाते हैं कि यात्रा पहली बार हो रही है। खीर भवानी और माता वैष्णो देवी की तरह अमरनाथ यात्रा कश्मीर की विरासत का हिस्सा है। पाबंदी का फरमान न केवल आम आदमी, बल्कि छात्रों, मरीजों, सरकारी कर्मचारियों और व्यापारिक समुदाय को बड़ी असुविधा दे रहा है। यह पर्यटन और व्यापार को प्रभावित करेगा। उन्होंने मांग की कि यात्रा के दौरान आम लोगों की आवाजाही को न रोका जाए।
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