जम्मू-कश्मीरः पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमने हर उपाय किया: डीजीपी
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जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि राज्य में पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। आज शाम तक पुलिस को कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने जैसी कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर उपाय किया है।
DGP J&K,Dilbagh Singh to ANI: Mobile services have been restored in Jammu & Kashmir. Till today evening, no call or information regarding any activity to disturb law & order situation has been received so far by police. We've taken every measure to maintain law & order.(file pic) pic.twitter.com/Yz1C66fsfFविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 14, 2019
पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल करने को लेकर सरकार ने कहा था कि पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं शनिवार को शुरू की जानी थीं। बता दें कि केंद्र द्वारा कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द करने के बाद मोबाइल सेवा पर प्रतिबंध लगा दिए गए थे। जिससे घाटी के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घाटी का व्यापारी वर्ग इससे काफी प्रभावित हुआ है।
घाटी के लोगों का कहना है सरकार के इस कदम से लोगों को काफी राहत मिलेगी, खासकर व्यापारी और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को राहत मिली है। बता दें कि केंद्र ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने की घोषणा के बाद 5 अगस्त से जम्मू-कश्मीर में मोबाइल सेवाओं पर रोक लगा दी थी।
समीक्षा के बाद चरणवार पाबंदियां हटाई जा रही हैं: रोहित कंसल
आपको बता दें कि सरकार ने दावा किया है कि आठ-दस थानों को छोड़कर घाटी के 99 फीसदी इलाके में लोगों की आवाजाही पर किसी भी तरह की पाबंदी नहीं है। राज्य सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि जम्मू-कश्मीर में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। समीक्षा के बाद ही चरणवार पाबंदियां हटाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अब बिना किसी रुकावट के पर्यटक कश्मीर आ सकते हैं। मोबाइल सेवा बहाल होने से पर्यटकों के साथ-साथ आम लोगों को भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि कारोबारियों से लेकर उद्योगपतियों को आतंकियों और अलगाववादियों से डरने की जरूरत नहीं है। सभी अपने रूटीन कामकाज शुरू करें।
कंसल ने कहा कि दो माह से लगातार बॉर्डर पार से जम्मू कश्मीर में लोगों में डर पैदा करने और अशांति बनाए रखने की कोशिशें की जा रही हैं। आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के पास पुख्ता इनपुट हैं कि आतंकी राज्य में बड़े हमलों की साजिश रच रहे हैं।