जम्मू-कश्मीरः सोमवार दोपहर 12 बजे से शुरू हो जाएगी पोस्टपेड मोबाइल सेवा
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कश्मीर में पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाली को लेकर सरकार ने कहा है कि पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं शनिवार को शुरू की जानी थीं, जिसे किन्हीं कारणों से अब सोमवार को शुरू किए जाने की संभावना है। बता दें कि केंद्र द्वारा कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द करने के बाद मोबाइल सेवा पर प्रतिबंध लगा दिए गए थे। जिससे घाटी के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घाटी का व्यापारी वर्ग इससे काफी प्रभावित हुआ है।
उनका कहना है कि घाटी के हालात सामान्य हो रहे हैं, अब सरकार को मोबाइल सेवा बहाल कर देनी चाहिए। वहीं सरकार ने लोगों की सहूलियत के लिए और सामान्य होते हालातों को देखते हुए पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल करने का विचार किया है।
हालांकि, घाटी में इंटरनेट सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए लोगों को कुछ और समय का इंतजार करना होगा। बता दें कि केंद्र ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने की घोषणा के बाद 5 अगस्त से जम्मू-कश्मीर में मोबाइल सेवाओं पर रोक लगा दी थी।
पर्यटक घाटी में नहीं आना चाहेगा, जहां मोबाइल फोन काम न करेः स्थानीय निवासी
वहीं गुरुवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए पर्यटकों की आवाजाही पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया है। यह प्रतिबंध अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही लगा दिए गए थे। जारी की गई एडवाइजरी के मुताबिक पर्यटकों को हर जरूरी मदद मुहैया कराई जाएगी। इस एडवाइजरी के बाद पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। होटल मालिक, टैक्सी चालक, शिकारा चलाने वालों के साथ ही स्थानीय दुकानदार भी काफी उत्साहित हैं।
बता दें कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बीते सोमवार को राज्य के हालात और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के दौरान एडवाइजरी वापस लेने की हिदायत दी थी। दो अगस्त को राज्य के गृह विभाग की ओर से बड़े आतंकी हमले की आशंका पर एडवाइजरी जारी कर पर्यटकों और अमरनाथ यात्रियों को तत्काल घाटी से लौटने के लिए कहा गया था।
राजभवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले छह सप्ताह में ही घाटी के ज्यादातर इलाकों से पाबंदियां हटा ली गई हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि हायर सेकेंडरी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय खोल दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले के बाद पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि कोई भी पर्यटक घाटी में नहीं आना चाहेगा, जहां मोबाइल फोन काम न करे।