{"_id":"61ad2640e3ae4b1f1a409450","slug":"poltical-news-jammu-kashmir-jammu-news-jmu2492517182","type":"story","status":"publish","title_hn":"370 बहाल करवाने के लिए किसानों की तरह बलिदान के लिए रहें तैयार : फारूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
370 बहाल करवाने के लिए किसानों की तरह बलिदान के लिए रहें तैयार : फारूक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। नेशनल कांफ्रें स के अध्यक्ष फ ारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जैसे नए कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसानों ने बलिदान दिया उसी तरह अपने राज्य और विशेष दर्जे को बहाल करने के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी बलिदान करना पड़ सकता है। हालांकि, उनकी पार्टी न तो हिंसा का समर्थन करती है और न ही भाईचारे के खिलाफ है।
पार्टी के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के 116वें जन्मदिवस के अवसर पर नसीमबाग में उनके मकबरे पर नेकां की युवा शाखा के सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. फारूक ने कहा कि 11 महीने के प्रदर्शन में 700 से अधिक किसान मारे गए। केंद्र को तीन कृषि कानूनों को तब रद्द करना पड़ा जब किसानों ने बलिदान दिया। हमें अपने अधिकार वापस पाने के लिए वैसा बलिदान भी करना पड़ सकता है। यह याद रखें कि हमने अनुच्छेद 370, 35ए और राज्य का दर्जा वापस पाने का वादा किया है और हम कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं।
फारूक ने कहा कि हाल ही में हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए दो नागरिकों के शव वापस करने के लिए प्रशासन को मजबूर किया गया। यह संभव हुआ क्योंकि लोगों ने एकता दिखाई। कहा कि तीन निर्दोष लोग मारे गए। जब लोगों ने आवाज उठाई, तो शव लौटा दिए ताकि उनके परिजन उन्हें दफ ना सकें। यह एकता से ही हो सकता है। लेकिन एक व्यक्ति का शव अब भी परिवार को नहीं लौटाया गया है, जिसे लौटाया जाए। इस तरह कितने निर्दोष लोगों को मार डाला होगा? हम प्रशासन को जवाबदेह ठहराएंगे। ईश्वर भी उन्हें जवाबदेह ठहराएंगे और कोई भी बच नहीं पाएगा।
विज्ञापन
---
अमित शाह की टिप्पणी पर कसा तंज
अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में पर्यटन में वृद्धि होने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी पर तंज कसते हुए डॉ. फारूक ने कहा कि जब केंद्र शासित प्रदेश की बात आती है तो जैसे पर्यटन ही सब कुछ है। आपने 50,000 नौकरियों का वादा किया था, वे कहां हैं? बल्कि आप हमारे लोगों की नौकरियां समाप्त कर रहे हैं। उन्हें बर्खास्त किया जा रहा है। क्या जम्मू-कश्मीर बैंक में काम करने के लिए कोई नहीं मिला जो आपको पंजाब व हरियाणा से लाने पड़े। आखिर यहां के लड़के-लड़कियां कहां जाएंगे। जब हम आवाज उठाते हैं तो उसे कुचला जाता है। मीडिया भी दबाव का सामना कर रहा है। वे जब सरकार के खिलाफ कुछ लिखते हैं तो पत्रकारों को पुलिस थानों पर बुलाया जाता है और वे कहते हैं कि आजादी है।
---
दुश्मनों से रहें सावधान, वे घूम रहे
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने नेकां कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और पार्टी का झंडा ऊंचा रखने को कहा। कई दुश्मन आएंगे और आपको पार्टी से खींचने की कोशिश करेंगे। इनसे सावधान रहें। वे घूम रहे हैं। उनकी बात मत सुनो और पार्टी के साथ रहो।
विज्ञापन
पार्टी के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के 116वें जन्मदिवस के अवसर पर नसीमबाग में उनके मकबरे पर नेकां की युवा शाखा के सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. फारूक ने कहा कि 11 महीने के प्रदर्शन में 700 से अधिक किसान मारे गए। केंद्र को तीन कृषि कानूनों को तब रद्द करना पड़ा जब किसानों ने बलिदान दिया। हमें अपने अधिकार वापस पाने के लिए वैसा बलिदान भी करना पड़ सकता है। यह याद रखें कि हमने अनुच्छेद 370, 35ए और राज्य का दर्जा वापस पाने का वादा किया है और हम कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
फारूक ने कहा कि हाल ही में हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए दो नागरिकों के शव वापस करने के लिए प्रशासन को मजबूर किया गया। यह संभव हुआ क्योंकि लोगों ने एकता दिखाई। कहा कि तीन निर्दोष लोग मारे गए। जब लोगों ने आवाज उठाई, तो शव लौटा दिए ताकि उनके परिजन उन्हें दफ ना सकें। यह एकता से ही हो सकता है। लेकिन एक व्यक्ति का शव अब भी परिवार को नहीं लौटाया गया है, जिसे लौटाया जाए। इस तरह कितने निर्दोष लोगों को मार डाला होगा? हम प्रशासन को जवाबदेह ठहराएंगे। ईश्वर भी उन्हें जवाबदेह ठहराएंगे और कोई भी बच नहीं पाएगा।
विज्ञापन
---
अमित शाह की टिप्पणी पर कसा तंज
अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में पर्यटन में वृद्धि होने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी पर तंज कसते हुए डॉ. फारूक ने कहा कि जब केंद्र शासित प्रदेश की बात आती है तो जैसे पर्यटन ही सब कुछ है। आपने 50,000 नौकरियों का वादा किया था, वे कहां हैं? बल्कि आप हमारे लोगों की नौकरियां समाप्त कर रहे हैं। उन्हें बर्खास्त किया जा रहा है। क्या जम्मू-कश्मीर बैंक में काम करने के लिए कोई नहीं मिला जो आपको पंजाब व हरियाणा से लाने पड़े। आखिर यहां के लड़के-लड़कियां कहां जाएंगे। जब हम आवाज उठाते हैं तो उसे कुचला जाता है। मीडिया भी दबाव का सामना कर रहा है। वे जब सरकार के खिलाफ कुछ लिखते हैं तो पत्रकारों को पुलिस थानों पर बुलाया जाता है और वे कहते हैं कि आजादी है।
---
दुश्मनों से रहें सावधान, वे घूम रहे
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने नेकां कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और पार्टी का झंडा ऊंचा रखने को कहा। कई दुश्मन आएंगे और आपको पार्टी से खींचने की कोशिश करेंगे। इनसे सावधान रहें। वे घूम रहे हैं। उनकी बात मत सुनो और पार्टी के साथ रहो।