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जम्मू-कश्मीर में सामान्य से 50 फीसदी बढ़ा प्रदूषण, प्रदेश के दो शहरों में बनेंगे खास मॉनिटरिंग स्टेशन
Wed, 13 Nov 2019 03:04 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 13 Nov 2019 03:04 PM IST
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प्रदुषण
- फोटो : पीटीआई
जम्मू-कश्मीर में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर को मापने के लिए सिविल सचिवालय श्रीनगर में कांटिन्यूअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) स्थापित किया जाएगा। जम्मू विश्वविद्यालय में भी ऐसा उपकरण लगाने की योजना है। पांच साल से जम्मू शहर में वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से 50 फीसदी ऊपर चल रहा है।
वर्ष 2018 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सर्वे में 102 नॉन अटेनमेंट शहरों में जम्मू और श्रीनगर भी शामिल रहे। इन शहरों में पांच साल से प्रदूषण का स्तर सामान्य से ऊपर रह रहा है। वायु प्रदूषण बढ़ने से शहरवासियों में सांस संबंधी बीमारियों की शिकायत बढ़ी है।
रेस्पिरेबल सस्पेंडेंड पार्टिक्यूलेट मैटर पीएम 10 (आरएसपीएम, जो प्रदूषण नाक और मुंह के रास्ते शरीर के भीतर जाकर नुकसान पहुंचाता है) का स्तर सामान्य से 40-50 फीसदी ऊपर रहा है। यह सामान्य तौर पर 100 माइक्रोग्राम प्रतिक्यूबिक मीटर होता है। जम्मू में नरवाल, एमए स्टेडियम और बाड़ी ब्राह्मणा केंद्र पर प्रदूषण का स्तर मापा जाता है, जबकि अन्य किसी भी जगह पर जांच केंद्र स्थापित नहीं है।
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वर्ष 2018 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सर्वे में 102 नॉन अटेनमेंट शहरों में जम्मू और श्रीनगर भी शामिल रहे। इन शहरों में पांच साल से प्रदूषण का स्तर सामान्य से ऊपर रह रहा है। वायु प्रदूषण बढ़ने से शहरवासियों में सांस संबंधी बीमारियों की शिकायत बढ़ी है।
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रेस्पिरेबल सस्पेंडेंड पार्टिक्यूलेट मैटर पीएम 10 (आरएसपीएम, जो प्रदूषण नाक और मुंह के रास्ते शरीर के भीतर जाकर नुकसान पहुंचाता है) का स्तर सामान्य से 40-50 फीसदी ऊपर रहा है। यह सामान्य तौर पर 100 माइक्रोग्राम प्रतिक्यूबिक मीटर होता है। जम्मू में नरवाल, एमए स्टेडियम और बाड़ी ब्राह्मणा केंद्र पर प्रदूषण का स्तर मापा जाता है, जबकि अन्य किसी भी जगह पर जांच केंद्र स्थापित नहीं है।
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जम्मू शहर और आसपास के इलाकों में सड़कों पर दौड़ते वाहन, निर्माण कार्यों और औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले प्रदूषण से वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से पचास फीसदी ऊपर चल रहा है।
जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सईद नदीम हुसैन के अनुसार सिविल सचिवालय में सीएएक्यूएमएस स्थापित करने पर शीघ्र काम शुरू किया जाएगा। इससे वायु प्रदूषण को मापने में मदद मिलेगी।
जम्मू विश्वविद्यालय में भी इस उपकरण को स्थापित करने की योजना है, लेकिन इसके लिए अभी विवि प्रशासन से बात की जाएगी। प्रदूषण को रोकने के लिए उचित उपाय करके लोगों को बेहतर वातावरण दिया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सईद नदीम हुसैन के अनुसार सिविल सचिवालय में सीएएक्यूएमएस स्थापित करने पर शीघ्र काम शुरू किया जाएगा। इससे वायु प्रदूषण को मापने में मदद मिलेगी।
जम्मू विश्वविद्यालय में भी इस उपकरण को स्थापित करने की योजना है, लेकिन इसके लिए अभी विवि प्रशासन से बात की जाएगी। प्रदूषण को रोकने के लिए उचित उपाय करके लोगों को बेहतर वातावरण दिया जा सकता है।