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Jammu News: 12 घंटे पोलिंग बूथ पर डटे रहे राजनीतिक दलों के एजेंट और नेता
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- ब्रेकफास्ट, लंच के साथ चाय की चुस्कियां भी लीं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। लोकसभा के दूसरे चरण में जम्मू संसदीय सीट पर शुक्रवार को हुए मतदान में चार जिलों में 2416 पोलिंग स्टेशन स्थापित किए गए थे जिसमें 1750 ग्रामीण और 666 शहरी क्षेत्रों में थे। प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर कई बूथ स्थापित थे। पोलिंग बूथों के भीतर जितना मतदाताओं का जमावड़ा था, उतनी ही पोलिंग बूथों के बाहर राजनीतिक दलों के एजेंटों, नेताओं और कार्यकर्ताओं की गहमागहमी थी। मतदान की इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों से जुड़े लोग 12 घंटे तक बूथों पर डटे रहे। इस दौरान ब्रेकफास्ट और लंच के साथ वहीं पर चाय की चुस्कियां ली गईं।
मतदान शुरू होने से एक घंटा पहले ही सुबह करीब छह बजे तक लगभग सभी बूथों के बाहर चुनाव सामग्री के साथ राजनीतिक दलों के एजेंट और नेता पहुंच गए थे। राजनीतिक दलों की ओर से पहले ही प्रत्येक पोलिंग बूथ के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय कर दी गई थी। दिन चढ़ने के साथ पोलिंग बूथों के बाहर भीड़ बढ़ने लगी। राजनीतिक दलों के नेता अपने समर्थकों को पास बुलाकर उनके नाम की पर्ची दे रहे थे। हालांकि पर्ची देने की प्रक्रिया बीएलओ द्वारा पहले ही कर दी गई थी लेकिन जिन लोगों को नहीं मिली थी वे अपने राजनीतिक दलों के नेताओं के पास पहुंच रहे थे। इस बीच हर घंटे बाद पोलिंग बूथ के भीतर से मतदान प्रतिशत की जानकारी ली जाती रही, जिससे सभी राजनीतिक दल अपने स्तर पर अंदाजा लगाते रहे। इन बूथों पर पुरुष के साथ बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता भी डटी रहीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। लोकसभा के दूसरे चरण में जम्मू संसदीय सीट पर शुक्रवार को हुए मतदान में चार जिलों में 2416 पोलिंग स्टेशन स्थापित किए गए थे जिसमें 1750 ग्रामीण और 666 शहरी क्षेत्रों में थे। प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर कई बूथ स्थापित थे। पोलिंग बूथों के भीतर जितना मतदाताओं का जमावड़ा था, उतनी ही पोलिंग बूथों के बाहर राजनीतिक दलों के एजेंटों, नेताओं और कार्यकर्ताओं की गहमागहमी थी। मतदान की इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों से जुड़े लोग 12 घंटे तक बूथों पर डटे रहे। इस दौरान ब्रेकफास्ट और लंच के साथ वहीं पर चाय की चुस्कियां ली गईं।
मतदान शुरू होने से एक घंटा पहले ही सुबह करीब छह बजे तक लगभग सभी बूथों के बाहर चुनाव सामग्री के साथ राजनीतिक दलों के एजेंट और नेता पहुंच गए थे। राजनीतिक दलों की ओर से पहले ही प्रत्येक पोलिंग बूथ के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय कर दी गई थी। दिन चढ़ने के साथ पोलिंग बूथों के बाहर भीड़ बढ़ने लगी। राजनीतिक दलों के नेता अपने समर्थकों को पास बुलाकर उनके नाम की पर्ची दे रहे थे। हालांकि पर्ची देने की प्रक्रिया बीएलओ द्वारा पहले ही कर दी गई थी लेकिन जिन लोगों को नहीं मिली थी वे अपने राजनीतिक दलों के नेताओं के पास पहुंच रहे थे। इस बीच हर घंटे बाद पोलिंग बूथ के भीतर से मतदान प्रतिशत की जानकारी ली जाती रही, जिससे सभी राजनीतिक दल अपने स्तर पर अंदाजा लगाते रहे। इन बूथों पर पुरुष के साथ बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता भी डटी रहीं।
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