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Jammu News: बजट सत्र के लिए भाजपा विधायकों से मंथन आज
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अटल जन्म शताब्दी और आगामी संगठनात्मक योजनाओं पर भी चर्चा होगी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश के 2025-26 के बजट सत्र पर चर्चा के लिए भाजपा के 28 विधायकों की वीरवार को पार्टी मुख्यालय जम्मू में शाम चार बजे बैठक बुलाई गई है। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी व आगामी संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की जाएगी। बजट सत्र से पहले बैठक को अहम माना जा रहा है। इसमें विधानसभा में विधायकों की ओर से पेश किए जाने वाले सवालों व विपक्ष की रणनीति पर बात की जाएगी।
तीन मार्च से विधानसभा में बजट सत्र शुरू हो रहा है। इसके लिए विधायकों से तारांकित व अतारांकित श्रेणी में 10-10 सवाल व तीन विधेयक मांगे गए हैं। इन्हें 10 फरवरी तक प्रस्तुत किया जाना है। विधायकों ने अपने सवाल तैयार किए हैं, जिन्हें जमा कराने से पहले पार्टी के भीतर चर्चा की जाएगी। पार्टी के एक विधायक ने बताया कि हमने विधानसभा सत्र के लिए संबंधित विधानसभा व दूसरे क्षेत्रों से जुड़े सवाल तैयार कर लिए हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से इन पर चर्चा की जाएगी। छह साल बाद जम्मू-कश्मीर सरकार पहला बजट सत्र पेश कर रही है। इसमें विपक्ष में भाजपा की भूमिका अहम मानी जा रही है। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा, महासचिव संगठन अशोक कौल आदि मौजूद रहेंगे। प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने कहा कि बजट सत्र सहित अन्य मुद्दों पर विधायकों से वीरवार को होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी।
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बजट पर विधायकों की राय जानेंगे मुख्यमंत्री
आगामी बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला विधायकों और जिला विकास परिषदों के सदस्यों के साथ बैठक कर उनकी राय जानेंगे। इसमें कोशिश की जाएगी कि सत्तापक्ष और विपक्ष में बजट सत्र से पूर्व महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाई जाए, ताकि सत्र के दौरान बेहतर बजट पेश किया जा सके। बजट के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों की आकांक्षाओं और उम्मीदों को जानने की कोशिश की जाएगी। मुख्यमंत्री के पास ही वित्त विभाग है, जिससे वह पहली बार मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए बजट पेश करेंगे। विधायकों व डीडीसी सदस्यों के साथ चर्चा में उनकी प्राथमिकताओं का पता लगाया जाएगा। विपक्ष से एक विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री अगले एक दो-दिन में बैठक कर सकते हैं। विधायकों को संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए विशेष फंड का प्रावधान रहता है। इस प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के कार्यों की सूची संबंधित जिला उपायुक्तों द्वारा सरकार को दी गई है।
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विधानसभा नियमों को जल्द अंतिम रूप
दिया जाएगा, बैठक 11 फरवरी को
विधानसभा नियमों को अंतिम रूप देने के लिए मसौदा नियम समिति की 11 फरवरी को बैठक होगी। बीते दिन हुई समिति की एक बैठक में ड्राफ्ट नियमों को सरल बनाने पर जोर दिया है। अगर ड्राफ्ट नियमों पर सभी सदस्यों के सुझाव पर सहमति बन गई तो आगामी बैठक में नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। समिति के एक सदस्य ने बताया कि ड्राफ्ट नियम, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत बनाए गए हैं। इससे पहले जम्मू-कश्मीर राज्य था और इसका अपना संविधान था। नए नियमों में कानून तो लगभग पहले की तरह रहेंगे, लेकिन पुराने नियमों में लगभग संशोधन किया गया है। कुछ समितियां रद्द की गई हैं। पुराने नियम हटा दिए गए हैं। ड्राफ्ट मसौदा नियमों में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कोरम के लिए सदन में कम से कम 20 सदस्यों की मौजूदगी होना जरूरी बताया जा रहा है। विधानसभा में रक्षा से जुड़े सवाल नहीं पूछे जाएंगे, क्योंकि ये विभाग गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं। मसौदा नियमों में सभी सदस्यों के बीच प्रसारित किए जाने से पहले परिवर्तनों पर चर्चा करना और उन्हें अनुमोदित किया जाएगा। एक अन्य सदस्य ने बताया कि हमने विधानसभा की दक्षता में सुधार के लिए छोटे बदलावों का प्रस्ताव रखा था। नौ सदस्यीय समिति को 24 दिसंबर 2024 को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में प्रक्रिया और व्यवसाय के संचालन के नियमों के नियम 363 के तहत स्थापित किया गया था। इसमें मुबारक गुल, सैफुल्लाह मीर, हसनैन मसूदी, पवन गुप्ता, रणबीर सिंह पठानिया, तारीगामी, निजामुद्दीन भट्ट, मुजफ्फर इकबाल शामिल हैं। इससे पहले समिति की पहली बैठक एक जनवरी 2025 और उसके बाद सात जनवरी को दूसरी बैठक हुई थी। उपराज्यपाल के पास अध्यक्ष के परामर्श से पूरी तरह से नए नियम बनाने का अधिकार है। मसौदा नियमों पर चर्चा के बाद उसे अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद बदलाव आगामी बजट सत्र में प्रभावी होंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश के 2025-26 के बजट सत्र पर चर्चा के लिए भाजपा के 28 विधायकों की वीरवार को पार्टी मुख्यालय जम्मू में शाम चार बजे बैठक बुलाई गई है। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी व आगामी संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की जाएगी। बजट सत्र से पहले बैठक को अहम माना जा रहा है। इसमें विधानसभा में विधायकों की ओर से पेश किए जाने वाले सवालों व विपक्ष की रणनीति पर बात की जाएगी।
तीन मार्च से विधानसभा में बजट सत्र शुरू हो रहा है। इसके लिए विधायकों से तारांकित व अतारांकित श्रेणी में 10-10 सवाल व तीन विधेयक मांगे गए हैं। इन्हें 10 फरवरी तक प्रस्तुत किया जाना है। विधायकों ने अपने सवाल तैयार किए हैं, जिन्हें जमा कराने से पहले पार्टी के भीतर चर्चा की जाएगी। पार्टी के एक विधायक ने बताया कि हमने विधानसभा सत्र के लिए संबंधित विधानसभा व दूसरे क्षेत्रों से जुड़े सवाल तैयार कर लिए हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से इन पर चर्चा की जाएगी। छह साल बाद जम्मू-कश्मीर सरकार पहला बजट सत्र पेश कर रही है। इसमें विपक्ष में भाजपा की भूमिका अहम मानी जा रही है। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा, महासचिव संगठन अशोक कौल आदि मौजूद रहेंगे। प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने कहा कि बजट सत्र सहित अन्य मुद्दों पर विधायकों से वीरवार को होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी।
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बजट पर विधायकों की राय जानेंगे मुख्यमंत्री
आगामी बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला विधायकों और जिला विकास परिषदों के सदस्यों के साथ बैठक कर उनकी राय जानेंगे। इसमें कोशिश की जाएगी कि सत्तापक्ष और विपक्ष में बजट सत्र से पूर्व महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाई जाए, ताकि सत्र के दौरान बेहतर बजट पेश किया जा सके। बजट के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों की आकांक्षाओं और उम्मीदों को जानने की कोशिश की जाएगी। मुख्यमंत्री के पास ही वित्त विभाग है, जिससे वह पहली बार मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए बजट पेश करेंगे। विधायकों व डीडीसी सदस्यों के साथ चर्चा में उनकी प्राथमिकताओं का पता लगाया जाएगा। विपक्ष से एक विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री अगले एक दो-दिन में बैठक कर सकते हैं। विधायकों को संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए विशेष फंड का प्रावधान रहता है। इस प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के कार्यों की सूची संबंधित जिला उपायुक्तों द्वारा सरकार को दी गई है।
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विधानसभा नियमों को जल्द अंतिम रूप
दिया जाएगा, बैठक 11 फरवरी को
विधानसभा नियमों को अंतिम रूप देने के लिए मसौदा नियम समिति की 11 फरवरी को बैठक होगी। बीते दिन हुई समिति की एक बैठक में ड्राफ्ट नियमों को सरल बनाने पर जोर दिया है। अगर ड्राफ्ट नियमों पर सभी सदस्यों के सुझाव पर सहमति बन गई तो आगामी बैठक में नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। समिति के एक सदस्य ने बताया कि ड्राफ्ट नियम, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत बनाए गए हैं। इससे पहले जम्मू-कश्मीर राज्य था और इसका अपना संविधान था। नए नियमों में कानून तो लगभग पहले की तरह रहेंगे, लेकिन पुराने नियमों में लगभग संशोधन किया गया है। कुछ समितियां रद्द की गई हैं। पुराने नियम हटा दिए गए हैं। ड्राफ्ट मसौदा नियमों में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कोरम के लिए सदन में कम से कम 20 सदस्यों की मौजूदगी होना जरूरी बताया जा रहा है। विधानसभा में रक्षा से जुड़े सवाल नहीं पूछे जाएंगे, क्योंकि ये विभाग गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं। मसौदा नियमों में सभी सदस्यों के बीच प्रसारित किए जाने से पहले परिवर्तनों पर चर्चा करना और उन्हें अनुमोदित किया जाएगा। एक अन्य सदस्य ने बताया कि हमने विधानसभा की दक्षता में सुधार के लिए छोटे बदलावों का प्रस्ताव रखा था। नौ सदस्यीय समिति को 24 दिसंबर 2024 को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में प्रक्रिया और व्यवसाय के संचालन के नियमों के नियम 363 के तहत स्थापित किया गया था। इसमें मुबारक गुल, सैफुल्लाह मीर, हसनैन मसूदी, पवन गुप्ता, रणबीर सिंह पठानिया, तारीगामी, निजामुद्दीन भट्ट, मुजफ्फर इकबाल शामिल हैं। इससे पहले समिति की पहली बैठक एक जनवरी 2025 और उसके बाद सात जनवरी को दूसरी बैठक हुई थी। उपराज्यपाल के पास अध्यक्ष के परामर्श से पूरी तरह से नए नियम बनाने का अधिकार है। मसौदा नियमों पर चर्चा के बाद उसे अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद बदलाव आगामी बजट सत्र में प्रभावी होंगे।