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जम्मू-कश्मीर में एक साथ चुनाव नहीं हो सकते तो पूरे देश में करवाना कैसे संभव होगा : उमर
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श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को एक राष्ट्र, एक चुनाव के संचालन में चुनाव आयोग को सहायता प्रदान करने की सरकार की क्षमता पर सवाल उठाया। पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदेश प्रशासन के अधिकारियों ने बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की जरूरत को देखते हुए एक साथ चुनाव कराने में असमर्थता व्यक्त की है।
उमर ने प्रेसवार्ता में कहा, जब सीईसी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया तो उन्होंने बताया कि ईसीआई और सभी राजनीतिक दल चुनाव के लिए तैयार हैं, लेकिन वर्तमान प्रशासन (जम्मू-कश्मीर) ने अधिक सुरक्षाबलों की आवश्यकता का हवाला देकर ऐसा न करने के लिए कहा। उमर ने सवाल किया कि आप एक देश, एक चुनाव की बात करते हैं, जब आप यूपी, एमपी और बिहार जैसे राज्यों में एक साथ चुनाव करवाएंगे तब सुरक्षाबल कहां से लाएंगे? नेकां उपाध्यक्ष ने कहा कि ईसीआई के पास जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का अवसर था, लेकिन प्रदेश प्रशासन चुनाव नहीं कराना चाहता था, क्योंकि वे सत्ता नहीं छोड़ना चाहते लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक चुनाव 30 सितंबर से पहले कराए जाने हैं। ब्यूरो
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उमर ने प्रेसवार्ता में कहा, जब सीईसी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया तो उन्होंने बताया कि ईसीआई और सभी राजनीतिक दल चुनाव के लिए तैयार हैं, लेकिन वर्तमान प्रशासन (जम्मू-कश्मीर) ने अधिक सुरक्षाबलों की आवश्यकता का हवाला देकर ऐसा न करने के लिए कहा। उमर ने सवाल किया कि आप एक देश, एक चुनाव की बात करते हैं, जब आप यूपी, एमपी और बिहार जैसे राज्यों में एक साथ चुनाव करवाएंगे तब सुरक्षाबल कहां से लाएंगे? नेकां उपाध्यक्ष ने कहा कि ईसीआई के पास जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का अवसर था, लेकिन प्रदेश प्रशासन चुनाव नहीं कराना चाहता था, क्योंकि वे सत्ता नहीं छोड़ना चाहते लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक चुनाव 30 सितंबर से पहले कराए जाने हैं। ब्यूरो
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