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प्रदेश में विस चुनाव ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री और तीन बार के विधायक रह चुके नेशनल कांफ्रेंस के नेता रूहुल्लाह मेहदी ने कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में सिर्फ विधान सभा चुनाव कराना ही मुख्यधारा के राजनेताओं का लक्ष्य नहीं होना चाहिए। पीएसए के तहत नेताओं की नजरबंदी भी राजनीतिक प्रक्रिया का ही एक हिस्सा है।
अपने ट्विटर हैंडल पर रविवार को उन्होंने लिखा कि मेरे कई सहयोगियों को पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया है। मैं उनकी रिहाई की शीघ्र कामना करता हूं परंतु
हमें यह मानना चाहिए कि नजरबंदी राजनीति प्रक्रिया का ही हिस्सा है। उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट मे लिखा कि कश्मीर के राजनीतिक नेताओं को विभिन्न चीजों के लिए सरकार से अनुमति नहीं मांगनी चाहिए क्योंकि इसका मतलब केवल वही करना होगा जो सरकार उन्हें करना चाहती है। घर में नजरबंद चल रहे मेहदी ने लिखा कि वह जेल जाने को तैयार हैं परंतु सरकार से किसी तरह की रहम की अपील नहीं करेंगे।
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अपने ट्विटर हैंडल पर रविवार को उन्होंने लिखा कि मेरे कई सहयोगियों को पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया है। मैं उनकी रिहाई की शीघ्र कामना करता हूं परंतु
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हमें यह मानना चाहिए कि नजरबंदी राजनीति प्रक्रिया का ही हिस्सा है। उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट मे लिखा कि कश्मीर के राजनीतिक नेताओं को विभिन्न चीजों के लिए सरकार से अनुमति नहीं मांगनी चाहिए क्योंकि इसका मतलब केवल वही करना होगा जो सरकार उन्हें करना चाहती है। घर में नजरबंद चल रहे मेहदी ने लिखा कि वह जेल जाने को तैयार हैं परंतु सरकार से किसी तरह की रहम की अपील नहीं करेंगे।
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