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अब फारूक पहुंचे महबूबा के घर, मां-बेटी से की दो घंटे मुलाकात
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श्रीनगर। नेकां प्रमुख डा. फारूक अब्दुल्ला रिहाई के बाद अपनी गतिविधियां तेज करते हुए पार्टी की सीमाओं से हटकर मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के फेयरव्यू स्थित घर पर पहुंच गए। उन्होंने महबूबा की मां व बेटी इल्तिजा से मिलकर उनका कुशलक्षेम पूछा। परिवार के सदस्यों का हालचाल जाना। लगभग दो घंटे बिताने के बाद वे लौट आए।
सूत्रों ने बताया कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद चल रहीं महबूबा के फेयरव्यू स्थित घर पर इन दिनों उनकी मां और बेटी इल्तिजा रह रही हैं। मुलाकात में क्या बातचीत हुई यह तो पता नहीं चल सका है, लेकिन माना जा रहा है कि उन्होंने परिवार का हाल चाल लिया। बेटी इल्तिजा से प्रदेश के हालात पर भी चर्चा हुई। ज्ञात हो कि पीएसए हटने के बाद फारूक ने सबसे पहले पत्नी मौली व बेटी सारा के साथ हरि निवास पहुंचकर बेटे उमर से मुलाकात की थी। सात माह बाद मिलने के बाद पिता और पुत्र दोनों भावुक हो उठे थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद दिल्ली से आकर फारूक से मिले और उनका कुशलक्षेम पूछा। फारूक ने पहली बार बयान देते हुए कहा कि सभी बंदियों को राज्य में लाने के लिए राजनीतिक दलों को एक मंच पर आना चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते फिलहाल फारूक के जम्मू आने का कार्यक्रम नहीं बन पा रहा है। साथ ही उनके दिल्ली जाकर संसद सत्र में भाग लेने पर भी फिलहाल रुख साफ नहीं है।
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सूत्रों ने बताया कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद चल रहीं महबूबा के फेयरव्यू स्थित घर पर इन दिनों उनकी मां और बेटी इल्तिजा रह रही हैं। मुलाकात में क्या बातचीत हुई यह तो पता नहीं चल सका है, लेकिन माना जा रहा है कि उन्होंने परिवार का हाल चाल लिया। बेटी इल्तिजा से प्रदेश के हालात पर भी चर्चा हुई। ज्ञात हो कि पीएसए हटने के बाद फारूक ने सबसे पहले पत्नी मौली व बेटी सारा के साथ हरि निवास पहुंचकर बेटे उमर से मुलाकात की थी। सात माह बाद मिलने के बाद पिता और पुत्र दोनों भावुक हो उठे थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद दिल्ली से आकर फारूक से मिले और उनका कुशलक्षेम पूछा। फारूक ने पहली बार बयान देते हुए कहा कि सभी बंदियों को राज्य में लाने के लिए राजनीतिक दलों को एक मंच पर आना चाहिए।
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सूत्रों ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते फिलहाल फारूक के जम्मू आने का कार्यक्रम नहीं बन पा रहा है। साथ ही उनके दिल्ली जाकर संसद सत्र में भाग लेने पर भी फिलहाल रुख साफ नहीं है।
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