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भारत में जम्मू-कश्मीर के विलय में देरी के लिए नेहरू जिम्मेदार: डॉ. जितेंद्र
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जम्मू। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर के भारत में देरी से विलय के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया है।
एक राष्ट्रीय चैनल के साथ साक्षात्कार में सिंह ने कहा 15 अगस्त 1947 से पहले और तत्काल बाद जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय में देरी के लिए महाराजा हरि सिंह नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जिम्मेदार थे। शेख मोहम्मद अब्दुल्ला से मिली सूचनाओं के आधार पर नेहरू काम करते रहे।
इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय में दो महीने से ज्यादा की देरी हुई। उन्होंने कहा, तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल राजशाही वाली रियासतों को भारत में विलय करवाने का प्रभार संभाले हुए थे लेकिन जम्मू-कश्मीर के मसले को पंडित नेहरू ने अपने पास रखा।
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उन्होंने कहा, अगर सरदार पटेल को जम्मू-कश्मीर के मामले पर काम करने दिया गया होता तो भारतीय उपमहाद्वीप का इतिहास ही अलग होता। जम्मू-कश्मीर का न केवल भारत में विलय काफी पहले हो गया होता बल्कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के जिस हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा करके रखा हुआ है। वह भी नहीं होता और पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होता।
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एक राष्ट्रीय चैनल के साथ साक्षात्कार में सिंह ने कहा 15 अगस्त 1947 से पहले और तत्काल बाद जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय में देरी के लिए महाराजा हरि सिंह नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जिम्मेदार थे। शेख मोहम्मद अब्दुल्ला से मिली सूचनाओं के आधार पर नेहरू काम करते रहे।
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इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय में दो महीने से ज्यादा की देरी हुई। उन्होंने कहा, तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल राजशाही वाली रियासतों को भारत में विलय करवाने का प्रभार संभाले हुए थे लेकिन जम्मू-कश्मीर के मसले को पंडित नेहरू ने अपने पास रखा।
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उन्होंने कहा, अगर सरदार पटेल को जम्मू-कश्मीर के मामले पर काम करने दिया गया होता तो भारतीय उपमहाद्वीप का इतिहास ही अलग होता। जम्मू-कश्मीर का न केवल भारत में विलय काफी पहले हो गया होता बल्कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के जिस हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा करके रखा हुआ है। वह भी नहीं होता और पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होता।