बालटाल में पुलिस ने भी की लूटपाट
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इन भंडारों में लगी आग
1. श्री हनुमत सेवा संघ, दिल्ली
2. श्री मंगला गौरी, लुधियाना
3. जय बाबा बर्फानी सेवा दल, मुकेरियां
4. महादेव लंगर
5. जय बाबा बालक नाथ, लुधियाना
6. शिव भक्ति सेवा ट्रस्ट, दिल्ली
7. श्री अमरनाथ सेवा दल, अमृतसर
8. थ्री नेत्र सेवा समिति, दिल्ली
9. शिव शक्ति सेवा दल, जालंधर
भंडारों में हुई तोड़फोड़
1. श्री अमरनाथ ट्रस्ट, जालंधर
2. ओम शिव शक्ति देवा सदानंद, दिल्ली
3. महादेव समाज सुधार, बटाला
4. मलोट भंडारा
5. शिव शक्ति सेवा दल, बुढलाडा
6. श्री अमरनाथ सेवा दल, अलीगढ़
7. मनि महेश सेवा मंडल, कपूरथला
8. शिव गोरी सेवा मंडल, दिल्ली
9. श्री शिव शक्ति सेवा दल, बुढ़लाडा
श्रद्धालुओं ने भूखे पेट यात्रा शुरू की
श्रीनगर के बालटाल में शुक्रवार को हुई हिंसा में जेएंडके पुलिस और स्थानीय लोगों ने जमकर लूटपाट की। श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन ने आरोप लगाया है कि बालटाल स्थित भंडारों में आग लगाने और तोड़फोड़ के बाद जेएंडके पुलिस और वहां मौजूद स्थानीय लोगों जिनमें घोड़े, पालकी वाले शामिल हैं उन्होंने खूब लूटपाट की।
आरोप है कि पुलिस के सामने ही भंडारों में आग लगाई गई। इससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। भक्तों को खाना नहीं मिल सका और शनिवार को बालटाल से पवित्र गुफा के लिए श्रद्धालुओं ने भूखे पेट यात्रा शुरू की।
श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन के प्रधान विजय ठाकुर और महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि बालटाल कैंप में नौ भंडारे आग लगाकर पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं।
जो सामान बचा उसे पुलिस और घोड़े वालों ने लूट लिया
जो सामान नहीं जला था उसे जेएंडके पुलिस और घोड़े, पालकी वालों ने लूट लिया। यदि सीआरपीएफ, बीएसएफ व सेना के जवान गश्त करते तो ये सामान बच सकता था, लेकिन, उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा करने के आर्डर नहीं हैं।
ये काम जेएंडके पुलिस का है। इसी कारण भंडारे वालों का इतना नुकसान हुआ है। राजन गुप्ता ने कहा कि बालटाल के भंडारे वालों की शनिवार बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि यदि यात्रा की कमान सेना के हाथ में दी जाती है और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ली जाती है तभी दोबारा से लंगर लगाए जा सकते हैं।
फिलहाल बालटाल के भंडारे वालों ने बैठक कर लंगर बंद कर दिए हैं। पहलगाम में लंगर समितियों को सूचना दी गई है। यदि वो भी लंगर बंद करने को तैयार होते हैं तो शायद सभी लंगर वाले अपने-अपने घरों को रवाना हो जाएंगे।
'सेना को सौंपी जाए अमरनाथ यात्रा की कमान'
ये फैसला रविवार को लिया जाएगा। गुप्ता का कहना है कि जेएंडके पुलिस से उनका विश्वास खत्म हो चुका है। 2012 और 2013 में भी जेएंडके पुलिस ने भंडारे वालों के साथ अच्छा बरताव नहीं किया था।
आर्गेनाइजेशन की मांग है कि जिन लोगों ने भंडारों में आग लगाई है, उनके खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई की जाए और जिन पुलिस अधिकारियों की लापरवाही रही है उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
श्री अमरनाथ यात्रा की कमान सेना को सौंपी जाए। गुप्ता ने बताया कि शनिवार को उनकी मुलाकात श्राइन बोर्ड के सीईओ आरके गुप्ता, एडीजीपी एसएम सहाय और आईजी सीआरपीएफ से हुई। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने का आश्वासन दिया है लेकिन, आर्गेनाइजेशन इससे संतुष्ट नहीं है।