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भारी पड़ा विरोध प्रदर्शन, जमकर पड़े डंडे
अमृतपाल सिंह बाली/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Tue, 05 May 2015 11:24 PM IST
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कश्मीर घाटी में सितंबर महीने में आई विनाशकारी बाढ़ से तबाह हुए व्यापारियों ने मंगवलार को मुआवजे को लेकर कश्मीर बंद का आह्वान किया था। इस दौरान जहां एक ओर सभी दुकानें और कारोबार बंद रहे वहीं व्यापारियों ने सरकार की बेरुखी के खिलाफ रैली भी निकाली। बंद का आह्वान कश्मीर ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स फेडरेशन (केटीएमएफ) द्वारा किया गया था।
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बंद का असर श्रीनगर के साथ अनंतनाग, बारामुला, गांदरबल, पुलवामा, बड़गाम, कुलगाम, शोपियां जिलों में भी देखने को मिला। श्रीनगर के लाल चौक में सैकड़ों व्यापारी एकत्रित हुए और रैली की शक्ल में बडशाह चौक की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका। सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे व्यापारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने बल का जबरदस्त प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले भी दागे।
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इस दौरान केटीएमएफ के अध्यक्ष समेत कई लोग भी घायल हुए। पुलिसकर्मियों ने केटीएमएफ अध्यक्ष यासीन खान समेत अन्य कई व्यापारियों को गाड़ी में भरकर कोठीबाग थाने ले आई। रैली निकालने से पहले केटीएमएफ के अध्यक्ष यासीन खान ने मीडिया से कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ित व्यापारियों को राहत पहुंचाने में पूरी तरह से विफल रही है।
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उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत दुकानदारों को बाढ़ के दौरान नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वह कटोरा लेकर भीख नहीं मांग रहे वह सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। व्यापारियों द्वारा टैक्स भरा जाता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उनके द्वारा प्रदर्शन और उग्र हो जाएंगे अगर जल्द उनकी मांगें नहीं पूरी की गई।