{"_id":"645aa8d72c998173d7048d96","slug":"pmgay-problem-facility-samba-news-c-10-1-jam1007-112317-2023-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: पीएमजीएवाई को आश्वासनों का ग्रहण, दो साल बाद भी न मिली राशि और न ही बना मकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: पीएमजीएवाई को आश्वासनों का ग्रहण, दो साल बाद भी न मिली राशि और न ही बना मकान
Wed, 10 May 2023 01:41 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 10 May 2023 01:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। पुरमंडल ब्लाॅक में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (पीएमजीएवाई) को आश्वासनाें का ग्रहण लगा है, जिस कारण जरूरमंद योजना का लाभ उठाने के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। खड़ा मदाना लोअर पंचायत का रहने वाला तिलक राज दो साल से आवास के लिए राशि का इंतजार कर रहा है। इस बीच एक साफ पहले उसका कच्चा मकान भी गिर गया है। स्वयं बीमार होने के बावजूद तिलक राज बीमार बेटी के इलाज का खर्च उठाने के बाद मकान बनाने में असमर्थ है। कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए राशि नहीं मिल पाई है।
तिलक राज ने बताया कि वह कच्चे मकान में रहता था और दिहाड़ी लगा परिवार का पालन पोषण कर करता है। एक साल पहले कच्चे मकान की छत गिर गई, जिसके बाद से पड़ोसी के मकान में रह रहा है। स्थिति के बारे में कई बार खंड विकास अधिकारी, जिला अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारियों को अधिकारिक बैठकों में अवगत करवा चुका है, लेकिन अभी तक किसी ने भी सुध नहीं ली है। बताया कि दो साल से दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। इस दौराना सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला है। बात करने पर अधिकारी बताते हैं कि सर्वे लिस्ट में नंबर है। जैसे ही धनराशि आएगी दे दी जाएगी। लेकिन आज तक आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला है। बताया कि बेटी के साथ खुद भी बीमार हूं। मजदूरी कर बेटी का इलाज करवा रहा हूं, जिस कारण मकान बनाना मुश्किल हो गया है। पारिवारिक स्थिति बहुत ही कमजोर हो चुकी है। तिलकराज ने उप राज्यपाल और प्रशासन से जल्द मकान बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत राशि मुहैया करवाने की मांग उठाई है।
ब्लॉक के कई और परिवारों को भी राहत का इंतजार
पुरमंडल ब्लॉक में कई ऐसे परिवार हैं जो सुविधा की आस में टूटी-फूटी झोंपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। देओन पंचायत निवासी ज्योति देवी ने बताया कि वह एक विधवा है और दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। कच्चा मकान टूट चुका है। मजबूरी में मोहल्ले के एक देवस्थान में रहना पड़ रहा है। इस संबंध में कई बार सरपंच, खंड विकास अधिकारी, जिला विकास सदस्य सहित अन्य अधिकारियों से बात कर चुकी हूं, लेकिन आजतक प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। सरकार से मांग है कि जल्द सरकारी सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। ब्लॉक की ही आनंदपुर पंचायत के पूर्ण चंद का भी यही हाल है। उसने बताया कि कुछ वर्ष पहले उसका ऑपरेशन हुआ था, लेकिन आज भी वह ठीक नहीं है। पहले मजदूरी कर परिवार का गुजारा चलाता था, लेकिन बीमार होने के कारण अब मजदूरी भी नहीं कर पाता है। परिवार सहित कच्चे मकान में रहने के लिए मजबूर हूं। मांग है कि जल्द प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ दिया जाए।
विज्ञापन
इस परिवार को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत फायदा दिलाने के लिए सूची में रखा हुआ है। जैसे ही योजना के अंतर्गत राशि आएगी मुहैया करवा दी जाएगी। सरकार से मांग है कि इस परिवार को जल्द राहत दी जाए।
-अनिल शर्मा, सरपंच, खड़ा मदाना लोअर पंचायत
कुछ परिवार परेशानी में रह रहे हैं। इसकी जानकारी है। उनके नाम सूची में प्राथमिकता के तौर पर रखे हैं। जैसे ही अगले साल पैसा आएगा मकान बनाने के लिए उन्हें मुहैया करवा दिया जाएगा। इससे पहले हम कुछ नहीं कर सकते हैं।
- शिवानी गोत्रा, खंड विकास अधिकारी, पुरमंडल
विज्ञापन
पुरमंडल। पुरमंडल ब्लाॅक में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (पीएमजीएवाई) को आश्वासनाें का ग्रहण लगा है, जिस कारण जरूरमंद योजना का लाभ उठाने के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। खड़ा मदाना लोअर पंचायत का रहने वाला तिलक राज दो साल से आवास के लिए राशि का इंतजार कर रहा है। इस बीच एक साफ पहले उसका कच्चा मकान भी गिर गया है। स्वयं बीमार होने के बावजूद तिलक राज बीमार बेटी के इलाज का खर्च उठाने के बाद मकान बनाने में असमर्थ है। कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए राशि नहीं मिल पाई है।
तिलक राज ने बताया कि वह कच्चे मकान में रहता था और दिहाड़ी लगा परिवार का पालन पोषण कर करता है। एक साल पहले कच्चे मकान की छत गिर गई, जिसके बाद से पड़ोसी के मकान में रह रहा है। स्थिति के बारे में कई बार खंड विकास अधिकारी, जिला अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारियों को अधिकारिक बैठकों में अवगत करवा चुका है, लेकिन अभी तक किसी ने भी सुध नहीं ली है। बताया कि दो साल से दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। इस दौराना सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला है। बात करने पर अधिकारी बताते हैं कि सर्वे लिस्ट में नंबर है। जैसे ही धनराशि आएगी दे दी जाएगी। लेकिन आज तक आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला है। बताया कि बेटी के साथ खुद भी बीमार हूं। मजदूरी कर बेटी का इलाज करवा रहा हूं, जिस कारण मकान बनाना मुश्किल हो गया है। पारिवारिक स्थिति बहुत ही कमजोर हो चुकी है। तिलकराज ने उप राज्यपाल और प्रशासन से जल्द मकान बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत राशि मुहैया करवाने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
ब्लॉक के कई और परिवारों को भी राहत का इंतजार
पुरमंडल ब्लॉक में कई ऐसे परिवार हैं जो सुविधा की आस में टूटी-फूटी झोंपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। देओन पंचायत निवासी ज्योति देवी ने बताया कि वह एक विधवा है और दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। कच्चा मकान टूट चुका है। मजबूरी में मोहल्ले के एक देवस्थान में रहना पड़ रहा है। इस संबंध में कई बार सरपंच, खंड विकास अधिकारी, जिला विकास सदस्य सहित अन्य अधिकारियों से बात कर चुकी हूं, लेकिन आजतक प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। सरकार से मांग है कि जल्द सरकारी सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। ब्लॉक की ही आनंदपुर पंचायत के पूर्ण चंद का भी यही हाल है। उसने बताया कि कुछ वर्ष पहले उसका ऑपरेशन हुआ था, लेकिन आज भी वह ठीक नहीं है। पहले मजदूरी कर परिवार का गुजारा चलाता था, लेकिन बीमार होने के कारण अब मजदूरी भी नहीं कर पाता है। परिवार सहित कच्चे मकान में रहने के लिए मजबूर हूं। मांग है कि जल्द प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ दिया जाए।
विज्ञापन
इस परिवार को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत फायदा दिलाने के लिए सूची में रखा हुआ है। जैसे ही योजना के अंतर्गत राशि आएगी मुहैया करवा दी जाएगी। सरकार से मांग है कि इस परिवार को जल्द राहत दी जाए।
-अनिल शर्मा, सरपंच, खड़ा मदाना लोअर पंचायत
कुछ परिवार परेशानी में रह रहे हैं। इसकी जानकारी है। उनके नाम सूची में प्राथमिकता के तौर पर रखे हैं। जैसे ही अगले साल पैसा आएगा मकान बनाने के लिए उन्हें मुहैया करवा दिया जाएगा। इससे पहले हम कुछ नहीं कर सकते हैं।
- शिवानी गोत्रा, खंड विकास अधिकारी, पुरमंडल