मोदी कश्मीर में ही क्यों मनाने चले दीवाली, क्या है 'प्लान'?
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हरियाणा और महाराष्ट्र का सियासी किला फतह करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर की तरफ कूच करते दिख रहे हैं। सत्ता संचालन और राजनीति में नए और अलग-अलग प्रयोग कर रहे मोदी अपनी दिवाली जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों के दुखों पर मरहम लगा कर मनाएंगे।
मोदी ने मंगलवार की दोपहर ट्वीट कर ऐलान किया है कि वह 23 सितंबर को दिवाली के दिन बाढ़ से प्रभावित भाई बहनों के साथ रहेंगे। राज्य में होने वाले चुनाव के मद्देनजर मोदी के इस को कदम वहां के लोगों से सीधे भावनात्मक रूप से जुड़ने की नीति के तौर पर देखा जा रहा है।
मोदी ने यह ऐलान कर संयुक्त राष्ट्र संघ में बार-बार कश्मीर का मुद्दा उठा रहे पाकिस्तान को भी सीधा संदेश दे दिया है कि अब राज्य की राजनीति में सब कुछ पहले जैसा नहीं रहने वाला है। सूत्रों ने बताया है कि हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद जम्मू-कश्मीर को मोदी और उनके मुख्य रणनीतिकार अमित शाह बड़ी चुनौती मान रहे हैं।
एक तीर के कई निशाने लगाने की जुगत में
राज्य के जम्मू इलाके में 37, कश्मीर में 46 और लद्दाख क्षेत्र में 4 विधानसभा सीटें हैं। सूत्रों की मानें तो भाजपा ने जम्मू और लद्दाख में पिछले कुछ सालों में अच्छा जनाधार बनाया है।
केंद्र में पीएमओ के स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह जम्मू से ही चुनाव जीत कर आए हैं। अब उनकी कोशिश है कि घाटी से ज्यादा से ज्यादा सीटों पर कब्जा किया जाए।
जम्मू -कश्मीर में अगर भाजपा अच्छा प्रदर्शन करती है तो एक तीर के कई निशाने लगाए जा सकते हैं। इसका घाटी और देश के अलावा दुनिया भर में अत्यंत गंभीर संदेश जाएगा। सूत्रों के मुताबिक मोदी इस दिन राज्य में केंद्र की मदद से हो रहे पुनर्वास कार्यक्रम का भी जायजा लेंगे।
बाढ़ पीड़ितों में बंधी अच्छी दिवाली की आस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्रीनगर दौरे से बाढ़ पीड़ितों को भी अच्छी दिवाली मनने की आस है। बाटमालू में तंबू बनाकर रह रहे गुलाम अहमद ने कहा कि हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री हमारे साथ दिवाली मनाने वाले हैं।
उनसे हमें फिर से पैरों पर खड़े होने के लिए सहयोग मिलने की आस है। बाढ़ पीड़ित मुश्ताक अहमद कहते हैं कि आशा है कि वो खाली हाथ नहीं आएंगे, कोई बड़ा उपहार हमारे लिए जरूर लाएंगे।
उमर ने भी की सराहना
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ट्विटर पर कहा, ‘मैं नरेंद्र मोदी के इस कदम की सराहना करता हूं कि वह जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों के साथ दिवाली मनाएंगे।’
उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर पीडीपी पर भी हमला बोलते हुए कहा, ‘लोग पूछ रहे हैं कि दिवाली क्यों, ईद क्यों नहीं? ये लोग निश्चित तौर पर वही होंगे, जो सुरक्षा और हड़ताल के मुद्दे पर सरकार को कोसते हैं। हमें नरेंद्र मोदी की तारीफ करनी चाहिए, जो अपने त्योहार वाले दिन अपने घर न होकर हमारे बीच होंगे।’
दिल्ली में चुनाव कराने के पक्ष में पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजधानी दिल्ली में जोड़तोड़ कर सरकार बनाने की बजाय नए सिरे से चुनाव कराने के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि जोड़तोड़ से सरकार बनाने की खबरों से आम आदमी पार्टी को फायदा हो रहा है और लोगों के बीच यह संदेश जा रहा है कि पार्टी चुनाव कराने से डर रही है। ऐसे में चुनाव कराना ही अक्लमंदी होगी।
उन्होंने अपनी इस मंशा से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश पार्टी नेताओं को अवगत करा दिया है। इसके बाद शाह ने प्रदेश प्रभारी प्रभात झा को चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रधानमंत्री के रुख को देखते हुए दिल्ली में एक हफ्ते के अंदर चुनाव कराने को लेकर कदम उठाए जा सकते हैं और दिसंबर में चुनाव कराए जा सकते हैं।