आतंकियों के निशाने पर मोदी, लश्कर ने भेजे दस्ते
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों के लिए कश्मीर के सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं। आठ दिसंबर को श्रीनगर और अनंतनाग में होने वाली रैलियों के मद्देनजर चार दिन पहले ही रैली स्थलों को सील कर दिया गया है और भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव और एसपीजी के आईजी श्रीनिवासन ने वीरवार को रैली स्थलों का दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।
सुरक्षा एजेंसियों को मोदी की रैली में आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा द्वारा गड़बड़ी फैलाने की साजिश करने के इनपुट मिले हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक लश्कर ने चुनावी प्रक्रिया और मोदी की रैली में खलल डालने को लेकर आत्मघाती दस्ते तैयार किए हैं। आईजीपी कश्मीर एजी मीर ने कहा कि इस तरह के इनपुट मिल रहे हैं, पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ऐसी साजिशों को नाकाम करने में पूरी तरह सक्षम हैं। उल्लेखनीय है कि फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी की रियासत में सात रैलियां होनी हैं।
आठ दिसंबर को श्रीनगर, अनंतनाग और जम्मू संभाग में राया मोड़, 12 दिसंबर को राजोरी और कठुआ और 16 दिसंबर को जम्मू और बिलावर-बसोहली में रैलियां होनी हैं। मोदी की श्रीनगर में आठ दिसंबर को होने वाली रैलियों के विरोध में अलगाववादी संगठन हुर्रियत और दुख्तराने मिल्लत की ओर से घाटी बंद का आह्वान किया गया है।
अलगाववादियों ने किया कश्मीर बंद का आह्वान
वहीं प्रधानमंत्री के कश्मीर दौरे को लेकर हुर्रियत के कट्टरपंथी नेता और अध्यक्ष सैय्यद अली शाह गिलानी के अलावा दुख तरान-ए-मिल्लत, जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट और आतंकी संगठन यूनाइटेड काउंसिल जेहाद द्वारा लोगों से कश्मीर बंद का आह्वान किया गया है और मोदी की रैली के खिलाफ प्रदर्शन करने को कहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले के चरण के चुनाव से पहले भी अवाम को मतदान से दूर रखने की साजिश के तहत धमकी भरे पोस्टर चिपकाए गए थे और चुनाव बहिष्कार की बात कही गई थी, लेकिन घाटी के मतदाताओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और लोकतंत्र को मजबूत करने की खातिर बढ़ चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया।