पीएम मोदी बोले: पुलवामा से लंदन पहुंची स्नो मटर, स्थानीय उत्पाद को वैश्विक बनाने में जम्मू-कश्मीर भी पीछे नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले महीने जम्मू-कश्मीर ने जो हासिल किया, वह पूरे देश के लोगों के लिए एक मिसाल है। यहां कुछ लोगों के मन में विचार आया कि क्यों न कश्मीर में उगाई जाने वाली विदेशी सब्जियों को दुनिया के नक्शे पर लाया जाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्थानीय उत्पादों को ग्लोबल बनाने में जम्मू-कश्मीर के लोग भी पीछे नहीं हैं। जम्मू कश्मीर के जिला पुलवामा से स्नो मटर की पहली खेप लंदन भेजी गई। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात कही।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले महीने जम्मू-कश्मीर ने जो हासिल किया, वह पूरे देश के लोगों के लिए एक मिसाल है। यहां कुछ लोगों के मन में विचार आया कि क्यों न कश्मीर में उगाई जाने वाली विदेशी सब्जियों को दुनिया के नक्शे पर लाया जाए।
दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के चकुरा गांव के अब्दुल रशीद मीर इसके लिए सबसे पहले आगे आए। उन्होंने गांव के अन्य किसानों की जमीनों को मिलाकर स्नो मटर उगाना शुरू किया और देखते ही देखते स्नो मटर कश्मीर से लंदन पहुंचने लगे। उन्होंने गांव के अन्य किसानों की जमीन को एक साथ मिलाकर बर्फीली जगह होने वाली मटर को उगाने का काम शुरू किया और देखते ही देखते स्नो मटर (Snow Peas) कश्मीर से लंदन तक पहुंचने लगी है।
Local Products को Global बनाने में हमारे जम्मू-कश्मीर के लोगों ने भी मिसाल कायम की है। pic.twitter.com/2thI2ytsRg
— Narendra Modi (@narendramodi) June 30, 2024
लोकल फॉर वोकल पर जोर दिया
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के कितने ही उत्पाद हैं, जिनकी दुनिया-भर में बहुत मांग है और जब हम भारत के किसी स्थानीय उत्पाद को वैश्विक होते देखते हैं, तो गर्व से भर जाना स्वाभाविक है। ऐसा ही एक उत्पाद है अराकु कॉफी। यह आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीता राम राजू जिले में बड़ी मात्रा में पैदा होती है। ये अपने रिच फ्लेवर और अरोमा के लिए जानी जाती है।
श्री अमरनाथ धाम के तीर्थयात्रियों को दीं शुभकामनाएं
पीएम मोदी ने अमरनाथ यात्रा के लिए आने भगवान भोले के भक्तों को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा, 'अमरनाथ यात्रा भी शुरू हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में पंढरपुर वारी भी शुरू होने वाली है। मैं इन यात्राओं में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देता हूं।'
श्रीनगर में योग दिवस समारोह में शामिल हुए थे पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महीने पूरी दुनिया ने 10वें योग दिवस को भरपूर उत्साह और उमंग के साथ मनाया है। मैं भी जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित योग कार्यक्रम में शामिल हुआ था। कश्मीर में युवाओं के साथ-साथ बहनों-बेटियों ने भी योग दिवस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जैसे-जैसे योग दिवस का आयोजन आगे बढ़ रहा है, नए-नए रिकॉर्ड बन रहे हैं।
पहली बार कब हुआ था मन की बात कार्यक्रम
मन की बात की शुरुआत 3 अक्तूबर 2014 को हुई थी। इसका मकसद देश के सभी वर्गों से जुड़ना है। 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा, 'मन की बात' 11 विदेशी भाषाओं में भी प्रसारित किया जाता है। इनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तो, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं। मन की बात का प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो के 500 से ज्यादा प्रसारण केंद्रों से किया जाता है। दावा किया जाता है कि 100 करोड़ से ज़्यादा लोग कम से कम एक बार 'मन की बात' से जुड़ चुके हैं।