{"_id":"5f2efbdc8ebc3e3c9a7d2bfc","slug":"players-like-milkha-singh-and-sushil-kumar-will-also-come-out-of-jammu-and-kashmir-jammu-city-news-jmu216069261","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर से भी निकलेंगे मिल्खा सिंह और सुशील कुमार जैसे खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर से भी निकलेंगे मिल्खा सिंह और सुशील कुमार जैसे खिलाड़ी
विज्ञापन
जम्मू। जम्मू-कश्मीर से भी अब मिल्खा सिंह और सुशील कुमार जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलेंगे। प्रदेश खेल प्रतिभाओं को विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा। केंद्रीय खेल मंत्रालय की मदद से जम्मू-कश्मीर सहित पांच केंद्र शासित प्रदेशों और नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्रों में सौ खेलो इंडिया सेंटर खोले जाएंगे। इन केंद्रों में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, कुश्ती, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, साइकलिंग, तलवारबाजी, हॉकी, जूडो, रोइंग सहित 14 चिन्हित खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। फुटबॉल और पारंपरिक खेलों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
खेलो इंडिया सेंटर के लिए जगह चिह्नित करने के लिए खेल विभाग सभी जिलों के डीसी के साथ संपर्क करेगा। इसके बाद हर जिले से इच्छुक लोगों के 2 से 3 प्रस्ताव मांगे जाएंगे और उन्हें मूल्यांकन के लिए स्पोर्ट्स काउंसिल के माध्यम से भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा जाएगा। खेलो इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। इस वर्ष बजट में सौ सेंटर खोलने की अनुमित मिली थी। इसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को विशेष तरजीह दी गई है। 15 दिनों में हमारे पास जम्मू-कश्मीर से प्रस्ताव आ जाएंगे। इनका अध्यन करने के बाद सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में मौजूदा एसएआई केंद्रों को खेलो इंडिया सेंटर में परिवर्तित किया जाएगा। पिछले पांच वर्षों से खेलों को बढ़ावा दे रहे निजी सेंटर या फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ी भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
सूचना सार्वजनिक न करने का आरोप
पूर्व खिलाड़ियों ने स्पोर्ट्स काउंसिल पर आरोप लगाया है कि काउंसिल खेलो इंडिया सेंटर खोलने के लिए कुछ निजी लोगों से ही आवेदन मांग रही है। इसके लिए कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। दूसरी ओर युवा सेवा और खेल विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि अभी ऐसी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। खेल इंडिया द्वारा जारी गाइडलाइन के तहत प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
केंद्र में क्या-क्या होगा
इन सेंटर में महिला और पुरुष खिलाड़ियों की पर्याप्त संख्या अनिवार्य है। हर सेंटर चार साल तक काम करेगा। सेंटर में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यहां सीटीसीवी की मदद से प्रशिक्षण पर नजर रखी जाएगी।
विज्ञापन
खेलो इंडिया सेंटर के लिए जगह चिह्नित करने के लिए खेल विभाग सभी जिलों के डीसी के साथ संपर्क करेगा। इसके बाद हर जिले से इच्छुक लोगों के 2 से 3 प्रस्ताव मांगे जाएंगे और उन्हें मूल्यांकन के लिए स्पोर्ट्स काउंसिल के माध्यम से भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा जाएगा। खेलो इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। इस वर्ष बजट में सौ सेंटर खोलने की अनुमित मिली थी। इसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को विशेष तरजीह दी गई है। 15 दिनों में हमारे पास जम्मू-कश्मीर से प्रस्ताव आ जाएंगे। इनका अध्यन करने के बाद सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में मौजूदा एसएआई केंद्रों को खेलो इंडिया सेंटर में परिवर्तित किया जाएगा। पिछले पांच वर्षों से खेलों को बढ़ावा दे रहे निजी सेंटर या फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ी भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन
सूचना सार्वजनिक न करने का आरोप
पूर्व खिलाड़ियों ने स्पोर्ट्स काउंसिल पर आरोप लगाया है कि काउंसिल खेलो इंडिया सेंटर खोलने के लिए कुछ निजी लोगों से ही आवेदन मांग रही है। इसके लिए कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। दूसरी ओर युवा सेवा और खेल विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि अभी ऐसी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। खेल इंडिया द्वारा जारी गाइडलाइन के तहत प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
केंद्र में क्या-क्या होगा
इन सेंटर में महिला और पुरुष खिलाड़ियों की पर्याप्त संख्या अनिवार्य है। हर सेंटर चार साल तक काम करेगा। सेंटर में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यहां सीटीसीवी की मदद से प्रशिक्षण पर नजर रखी जाएगी।