एथनॉल पर सवाल: क्या जाम कर सकता है गाड़ी का इंजन? जानें मिश्रित पेट्रोल के बारे में सबकुछ
-कश्मीर पेट्रोलियम डीलर ओनर एसोसिएशन ने कहा कि एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से चलने वाले वाहन यदि खराब होते हैं तो उसके लिए वितरक जिम्मेदार नहीं होंगे। यह समस्या उन वाहनों में आ रही है जो 15 दिन या उससे अधिक अवधि तक खड़े हैं।
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तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण पर जम्मू-कश्मीर पेट्रोलियम डीलर ओनर एसोसिएशन ने सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि नीतिगत फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में सप्लाई किए जा रहे पेट्रोल में 10 फीसदी एथनॉल मिलाया गया है। इसे लेकर वाहन चालकों को जागरूक नहीं किया गया, जिससे वाहनों में दिक्कतों का शिकायतें आना शुरू हो गई हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि एथनॉल पेट्रोल से भारी होता है। वाहन की ईंधन टंकी में यदि पानी घुस जाए तो एथनॉल भी पानी से मिलकर इंजन को जाम कर सकता है। यहां पत्रकारों से रूबरू होते हुए एसोसिएशन के प्रधान आनन शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में तेल कंपनियों की ओर से 10 फीसदी एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की सप्लाई से पूर्व जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए। पेट्रोल में दस फीसदी एथनॉल का मिश्रण होने पर जब वह टंकी में जाता है तो अगर वहां पहले से पानी होगा तो पेट्रोल का दस फीसदी हिस्सा उस पानी के साथ पानी में ही बदल जाएगा। प्रदेश खासकर कश्मीर संभाग से ऐसी शिकायतें आ रही हैं।
केंद्र की नीति के तहत किया जा रहा मिश्रण : संयोजक
इंडियन आयल के राज्य स्तरीय संयोजक राजीव यादव का कहना है कि पेट्रोल में 10 फीसदी एथनॉल का मिश्रण भारत सरकार की नीति के तहत किया जा रहा है। कई राज्यों के बाद इसे जम्मू में गत 8 जुलाई से सप्लाई किया जा रहा है। लेकिन अभी किसी वाहन के पेट्रोल से कोई खराबी होने की शिकायत नहीं मिली है। अगर किसी वाहन की टंकी में पहले से पानी है, तो उसके इंजन को नुकसान पहुंचना लाजमी है। इसके लिए पेट्रोल की टंकी को ड्राई रखना जरूरी है, जिससे कोई दिक्कत नहीं होती है। कंपनी शनिवार से कश्मीर में भी एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की सप्लाई करेगी।
जानिए क्या है एथनॉल
एथनॉल एक तरह का अल्कोहल है जिसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। एथनॉल का उत्पादन यूं तो मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होता है, लेकिन शक्कर वाली कई अन्य फसलों से भी इसे तैयार किया जा सकता है। ईंधन के रूप में प्रयुक्त एथनॉल रासानियक रूप से एथिल अल्कोहल ही है, जो सामान्य तौर पर अल्कोहलिक पेयों में पाया जाता है।
गन्ने से अल्कोहल कैसे बनता है
गन्ने की पिराई के हर टन से मिलों द्वारा 95 किलो चीनी और 45 किलो गुड़ का उत्पादन किया जाता है, जो लगभग 10.8 लीटर एथनॉल का उत्पादन करता है। एथनॉल में रासायनिक सूत्र सी2एच5ओएच है। एथनॉल का उपयोग वार्निश, पॉलिश, दवाओं के घोल, कृत्रिम रंग, साबुन, इत्र, अल्कोहलिक पदार्थों में, ईंधन आदि में।