Vaishno Devi Landslide: मां के दर्शन करने से पहले मौत ने गले लगाया, 12 शवों को अब भी अपनों के आने का इंतजार
श्री माता वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन में मारे गए 34 यात्रियों में से 21 के शव परिजनों को सौंपे गए, जबकि 12 शव अब भी जीएमसी जम्मू में अपनों के इंतजार में हैं। कुछ तीमारदारों ने शवों से सोने के गहने गायब होने के आरोप लगाए।
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जीएमसी जम्मू के शवगृह में रखे गए श्री माता वैष्णो देवी भूस्खलन में मारे गए 12 शवों को अपनों के आने का इंतजार है। गत दिवस हंसी खुशी ये लोग माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि माता के पास पहुंचने से ही मौत उन्हें गले लगा लेगी।
मलबे में दबे क्षतिग्रस्त हुए शवों को देखकर परिजनों का भी रो रोकर बुरा है। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है कि उनके साथ ये क्या हो गया है। इस त्रासदी में मारे गए 34 शवों को जीएमसी में लाया गया जिनमें 21 शवों को वीरवार को उनके परिवारों को सौंप कर गंतव्य के लिए भेज दिया गया।
बाकी शवों को शुक्रवार को परिजनों के पहुंचने पर भेजा जाएगा। शवगृह में अपनों के शवों को लेने पहुंचने सगे संबंधियों का कहना था कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि वे अपनों को लेने के लिए इस तरह से आएंगे। हमने माता रानी का आशीर्वाद लेने उन्हें भेजा था, लेकिन उनके साथ ये अनहोनी हो गई। उनके चले जाने से कुछ नहीं बचा है।
वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन में मारे गए यात्रियों के लिए तीमारदारों ने उनके शवों से सोने के आभूषण गायब होने के आरोप लगाए हैं
जीएमसी में वीरवार को परिजन के शव लेने पहुंचे तीमारदारों ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र रैना को बताया कि शवों के पास से कुछ बैग ही मिल पाए है जिनमें महिलाओं के कपड़े हैं और कुछ नहीं है। कई मृतकों ने सोने के जेवर पहन रखे थे। शवों को लेने के लिए राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश से परिजन पहुंचे थे। रैना ने कहा कि राजस्थान के चीरू से आए परिजन का कहना था कि शवों से उन्हें सिर्फ घड़ी मिली है जबकि सोने के चेन, ब्रेसलेट आदि गायब हैं।
तीमारदारों ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की लापरवाही की निंदा की। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरीके से बोर्ड काम करता रहेगा तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं घटती रहेंगी और लोग अपने परिजन के शवों को लेने आते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग बार-बार खराब मौसम की चेतावनी जारी करता रहा लेकिन बोर्ड ने यात्रा जारी रखी और इतनी बड़ी घटना घट गई।
15 शव भेजे गए, 19 अभी जीएमसी के शवगृह में
श्री माता वैष्णो देवी यात्रा के मार्ग पर हुए भीषण भूस्खलन में दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और हरियाणा के यात्री मारे गए। जीएमसी जम्मू से वीरवार को 15 शवों को उनके परिजनों को सौंपकर गंतव्य के लिए भेजा गया, जबकि 19 शव अभी यहां रखे गए हैं। इन शवों को शुक्रवार को उनके परिजनों के आने पर सौंपा जाएगा। आठ शवों की पहचान नहीं हो पाई है। मृतकों में महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे शामिल हैं।
इन मृतकों के शव घर भेजे
राजजी (पंजाब), नीरा वर्मा पत्नी अमित वर्मा (उत्तर प्रदेश), चांदनी कश्यप पत्नी मयंक गोयल (उत्तर प्रदेश), अरविंद कुमार सोनी पुत्र हनुमान माल सोनी (राजस्थान), गजानंद सोनी पुत्र शंकर लाल (राजस्थान), तनेश्वर कुमार उर्फ सुभाष पुत्र सिकंदर लाल (चंडीगढ़), अरिकेत संतोष कनोजिया पुत्र संतोष कनोजिया (महाराष्ट्र), संदीप कुमार सोनी पुत्र राधे श्याम सोनी (राजस्थान), रामशरण पुत्र बलराज (पंजाब)। ममता पत्नी रामसरन (पंजाब), कार्तिकेय पुत्र अमित कुमार (उत्तर प्रदेश), रत्नि बाई गुर्जर पत्नी वगत राम गुर्जर (मध्यप्रदेश), सलोनी संतोष कुमार कनोजिया पत्नी संतोष कुमार कनोजिया (महाराष्ट्र), फकीर चंद गुर्जर पुत्र गौतम गुर्जर (मध्यप्रदेश)। अनिल कुमार सोनी पुत्र हनुमान माल सोनी (राजस्थान)।
इन शवों का होना है पोस्टमार्टम
पिंकी (दिल्ली), भावना (राजस्थान) अज्ञात महिला (पंजाब) सुनीता (उत्तर प्रदेश) मनप्रीत (पंजाब) तानिया (दिल्ली) अजय (दिल्ली) अज्ञात (महिला) दीपांशी (बच्ची), अज्ञात (पुरुष), अज्ञात (महिला), अज्ञात (महिला), अज्ञात (महिला), अज्ञात (महिला), रामपाल (हरियाणा) आनंत (उत्तर प्रदेश), अज्ञात (बच्चा), राजा पुत्र प्रदीप (दिल्ली), पुष्कर राय पुत्र नागेश्वर राय (झारखंड)।