जम्मू-कश्मीरः निजीकरण के खिलाफ पेन डाउन हड़ताल शुरू, प्रदेशभर में रोष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑल जेएंडकेपावर इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स कोआर्डिनेशन कमेटी के आह्वान पर बुधवार से पीडीडी कार्यालयों में तीन दिवसीय पेन डाउन हड़ताल शुरू हो गई है। परेड मैदान में कर्मचारियों ने एकत्रित होकर विभाग का निजीकरण किए जाने के फैसले के खिलाफ रोष जताया और नारेबाजी की।
चेयरमैन इंजी. जय पाल शर्मा ने कहा कि विभाग के निजीकरण के फैसले का विरोध किया जा रहा है। इसमें पहले की तरह ही व्यवस्था होनी चाहिए। निजीकरण से हजारों कर्मचारियों को नुकसान होगा। पहले भी प्रदर्शन और हड़ताल कर रोष व्यक्त किया जा चुका है मगर विभाग ने कोई फैसला नहीं लिया है। निजीकरण से बिजली दरें महंगी होंगी। इससे इंडस्ट्री सेक्टर काफी हद तक प्रभावित होगा।
इस फैसले से विभाग के 31 हजार कर्मचारी आहत होंगे। कुछ कर्मचारी लंबे समय से अस्थायी तौर पर काम कर रहे हैं। इनको नियमित नहीं किया गया है। डेलीवेजर और अनुबंध कर्मचारियों की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है। अब अगर तीन दिन के अंदर फैसला नहीं लिया जाता है तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। विभाग के निजीकरण के फैसले पर तैयार प्लान को भी पदाधिकारियों के साथ साझा करें। पहले भी निजी कंपनी के माध्यम से काम कराया गया है। इस पर सवाल उठे हैं। अब फिर से विभाग गलती करने जा रहा है।
जल्द मांग न मानी तो अन्य कार्य भी होंगे प्रभावित
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बिजली बिलों का लेनदेन नहीं हो पाया। कर्मचारी बिलों को वितरित करने के लिए घरों में नहीं गए। वहीं, कार्यालयों में भी बिल जमा नहीं हो पाए। लोगों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। अब हड़ताल समाप्त होने तक बिलों की अदायगी नहीं होगी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर तीन दिन के अंदर मांगें नहीं मानी गईं तो अन्य काम पर भी असर पड़ सकता है। मांग का हल न होने पर अन्य कामकाज भी ठप रखा जाएगा। फिलहाल बिजली का मरम्मत कार्य करने के अलावा तारें बदलने का काम सुचारु रूप से चला है।