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Jammu News: पुरमंडल-पाडल सड़क निर्माण अधर में
Wed, 26 Nov 2025 01:55 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 26 Nov 2025 01:55 AM IST
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पुरमंडल पाडल का मार्ग का दृश्य स्रोत स्थानिक ग्रामीण
पुरमंडल। पुरमंडल-पाडल सड़क निर्माण अधर में होने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पुरमंडल-पाडल की दूरी सात किलोमीटर है लेकिन आजादी के 75 वर्ष बीतने के बाद भी इस गांव तक सड़क नहीं पहुंच पायी है।
लोगों ने बताया कि गांव में 500 से अधिक की आबादी रहती है और छोटे-छोटे कामों के लिए भी उन्हें 14 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बच्चों को पढ़ाई के लिए रोजाना 14 किलोमीटर आना-जाना करना पड़ता है। इस कारण उनका भविष्य अंधकार में डूबता जा रहा है। कई लोग रोजगार और बच्चों की शिक्षा के लिए गांव छोड़ने पर मजबूर हैं।
बीमार व्यक्तियों को अस्पताल तक ले जाना सबसे बड़ी चुनौती है। गांव के लोग मरीजों को चारपाई पर और ट्रैक्टर-ट्रॉली में सात किलोमीटर दूर अस्पताल तक पहुंचाते हैं। इससे कई मरीजों के रास्ते में दम तोड़ने का डर रहता है। कामकाजी लोगों को भी रोजाना 14 किलोमीटर पैदल सफर करके तहसील, ब्लॉक कार्यालय या औद्योगिक क्षेत्र तक जाना पड़ता है।
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दो साल पहले लोक निर्माण विभाग ने पाडल सड़क का प्रोजेक्ट बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा था जिसकी लागत 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई थी। उस समय गांव के लोगों में खुशी थी कि अब सड़क का सपना पूरा होगा। मगर अब विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब सड़क का नया अनुमान 12 करोड़ रुपये हो गया है। इस कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है और प्रोजेक्ट दोबारा स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
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लोगों ने बताया कि गांव में 500 से अधिक की आबादी रहती है और छोटे-छोटे कामों के लिए भी उन्हें 14 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बच्चों को पढ़ाई के लिए रोजाना 14 किलोमीटर आना-जाना करना पड़ता है। इस कारण उनका भविष्य अंधकार में डूबता जा रहा है। कई लोग रोजगार और बच्चों की शिक्षा के लिए गांव छोड़ने पर मजबूर हैं।
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बीमार व्यक्तियों को अस्पताल तक ले जाना सबसे बड़ी चुनौती है। गांव के लोग मरीजों को चारपाई पर और ट्रैक्टर-ट्रॉली में सात किलोमीटर दूर अस्पताल तक पहुंचाते हैं। इससे कई मरीजों के रास्ते में दम तोड़ने का डर रहता है। कामकाजी लोगों को भी रोजाना 14 किलोमीटर पैदल सफर करके तहसील, ब्लॉक कार्यालय या औद्योगिक क्षेत्र तक जाना पड़ता है।
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दो साल पहले लोक निर्माण विभाग ने पाडल सड़क का प्रोजेक्ट बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा था जिसकी लागत 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई थी। उस समय गांव के लोगों में खुशी थी कि अब सड़क का सपना पूरा होगा। मगर अब विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब सड़क का नया अनुमान 12 करोड़ रुपये हो गया है। इस कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है और प्रोजेक्ट दोबारा स्वीकृति के लिए भेजा गया है।