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Jammu News: 250 साल पुराना तालाब बदहाल, लोगों में रोष
Sat, 06 Dec 2025 02:42 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 06 Dec 2025 02:42 AM IST
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बदहाल तालाब का दृश्यस्रोत संवाद
- फोटो : samvad
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सरकारी योजना में शामिल न होने से उपेक्षा का शिकार हो रहा 200 साल पुराना तालाब
लोगों ने प्रशासन से पुनर्निर्माण की उठी मांग
पुरमंडल। उत्तरवाहिनी के ऐतिहासिक मंदिरों के पास 250 पहले डोगरा शासकों ने निर्मित मंदिरों के साथ ही स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक विशाल तालाब का निर्माण किया था। यह तालाब न केवल क्षेत्रवासियों की पानी की जरूरतों को पूरा करता था, बल्कि मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यही मुख्य जलस्रोत था।
पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी इसी तालाब का जल प्रयोग किया जाता था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह ऐतिहासिक तालाब अब कई दशकों से खस्ता हालत में है। सरकार की ओर से पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुओं के संरक्षण के लिए विशेष योजना चलाई गई थी, इसके तहत करोड़ों रुपए खर्च करके क्षेत्र में कई पुराने और नए जलस्रोतों का पुनर्निर्माण भी किया गया, लेकिन यह महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षित रही और इसका सुधार नहीं किया गया।
जोगिंदर शर्मा, पंडित राम जी, यशपाल, राकेश कुमार सहित कई स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, बीडीओ पुरमंडल व जनप्रतिनिधियों से मांग की। उन्होंने कहा कि इस प्राचीन तालाब का तत्काल पुनर्निर्माण किया जाए। स्थानीयों का मानना है कि तालाब के जीर्णोद्धार से न केवल ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण होगा।
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लोगों ने प्रशासन से पुनर्निर्माण की उठी मांग
पुरमंडल। उत्तरवाहिनी के ऐतिहासिक मंदिरों के पास 250 पहले डोगरा शासकों ने निर्मित मंदिरों के साथ ही स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक विशाल तालाब का निर्माण किया था। यह तालाब न केवल क्षेत्रवासियों की पानी की जरूरतों को पूरा करता था, बल्कि मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यही मुख्य जलस्रोत था।
पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी इसी तालाब का जल प्रयोग किया जाता था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह ऐतिहासिक तालाब अब कई दशकों से खस्ता हालत में है। सरकार की ओर से पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुओं के संरक्षण के लिए विशेष योजना चलाई गई थी, इसके तहत करोड़ों रुपए खर्च करके क्षेत्र में कई पुराने और नए जलस्रोतों का पुनर्निर्माण भी किया गया, लेकिन यह महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षित रही और इसका सुधार नहीं किया गया।
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जोगिंदर शर्मा, पंडित राम जी, यशपाल, राकेश कुमार सहित कई स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, बीडीओ पुरमंडल व जनप्रतिनिधियों से मांग की। उन्होंने कहा कि इस प्राचीन तालाब का तत्काल पुनर्निर्माण किया जाए। स्थानीयों का मानना है कि तालाब के जीर्णोद्धार से न केवल ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण होगा।
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