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Jammu News: पलौड़ा में बड़े तालाब को पर्यटन स्थल बनाने की परियोजना अधूरी
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जम्मू। शहर के कई पार्क बदहाल और अव्यवस्था का शिकार हैं। पलौड़ा के बड़े तालाब का पार्क भी अपनी व्यथा पर आंसू बहा रहा है। किसी समय प्रमुख पर्यटन व मनोरंजन स्थल के रूप में बड़े तालाब को बाग-ए-बाहु की तर्ज पर सुंदर झील के रूप में विकसित करने का सपना दिखाया गया लेकिन परियोजना सिरे न चढ़ सकी।
यहां नौका विहार की सुविधा मिलनी थी जिसके पोस्टर लगाए गए। अनदेखी के कारण हालात ऐसे हैं कि पार्क में बैठने के लिए कुर्सियां टूटी हैं, झूले खराब हैं और रैंप क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शाम ढलते ही पार्क अंधेरे में डूब जाता है। लोगों का कहना है कि परिवार और बच्चों के लिए बनाया गया पार्क अब सुरक्षित है। बड़े तालाब को झील का रूप दिया जाना था। बारिश में पानी जमा होने के साथ मच्छर पनप रहे हैं। वर्षों पहले लगाया गया ट्यूबवेल भी खराब है।
स्थानीय सतवीर सिंह के अनुसार सुंदर झील बनने की जानकारी मिली थी। उम्मीद थी कि क्षेत्र का स्वरूप बदल जाएगा। आज भी लोग अधूरी परियोजना और सूखे तालाब को ही देख रहे हैं। श्रीकांत मनहास ने बताया कि सालों तक टाइलें, लाइटें तो कभी झूले लगाए गए लेकिन रखरखाव नहीं होने के कारण पैसों की बर्बादी हुई। अधिकांश सुविधाएं परेशानी बन चुकी हैं।
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रंजीत सिंह बताते हैं कि रूपनगर, लोअर रूपनगर और पलौड़ा जैसे बड़े इलाकों के लोग पार्क से जुड़े हैं। बरसात में बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है।
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यहां नौका विहार की सुविधा मिलनी थी जिसके पोस्टर लगाए गए। अनदेखी के कारण हालात ऐसे हैं कि पार्क में बैठने के लिए कुर्सियां टूटी हैं, झूले खराब हैं और रैंप क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शाम ढलते ही पार्क अंधेरे में डूब जाता है। लोगों का कहना है कि परिवार और बच्चों के लिए बनाया गया पार्क अब सुरक्षित है। बड़े तालाब को झील का रूप दिया जाना था। बारिश में पानी जमा होने के साथ मच्छर पनप रहे हैं। वर्षों पहले लगाया गया ट्यूबवेल भी खराब है।
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स्थानीय सतवीर सिंह के अनुसार सुंदर झील बनने की जानकारी मिली थी। उम्मीद थी कि क्षेत्र का स्वरूप बदल जाएगा। आज भी लोग अधूरी परियोजना और सूखे तालाब को ही देख रहे हैं। श्रीकांत मनहास ने बताया कि सालों तक टाइलें, लाइटें तो कभी झूले लगाए गए लेकिन रखरखाव नहीं होने के कारण पैसों की बर्बादी हुई। अधिकांश सुविधाएं परेशानी बन चुकी हैं।
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रंजीत सिंह बताते हैं कि रूपनगर, लोअर रूपनगर और पलौड़ा जैसे बड़े इलाकों के लोग पार्क से जुड़े हैं। बरसात में बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है।