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जम्मू-कश्मीर में आतंक की कमान अब पाक एजेंसी आईएसआई के हाथ में, फैला रहा नेटवर्क

Fri, 14 Jun 2019 06:38 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Fri, 14 Jun 2019 06:38 PM IST
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pakistani agency ISI making youths of international border militant in jammu kashmir
सांकेतिक तस्वीर
आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर से लेकर कश्मीर तक आतंकी संगठन और आतंकी अलग थलग पड़ चुके हैं। लेकिन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई है कि सुधरने का नाम नहीं ने रही। आतंकी आकाओं के मारे जाने के बाद आईएसआई के अफसर अब आतंक फैला रहे हैं। वह आतंकियों के हैंडलर बनकर आतंकी गतिविधियां चला रहे हैं। 
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जानकारी के अनुसार कठुआ जिले के इंटरनेशनल बार्डर के जरिए आईएसआई अफसर जम्मू संभाग में आतंकियों की फौज तैयार करने में जुटे हुए हैं। आईएसआई के अफसरों ने अपना नेटवर्क तैयार किया है। जो सोशल मीडिया के जरिए जम्मू, सांबा, कठुआ, डोडा, उधमपुर, रियासी के युवाओं को कट्टरवाद का पाठ पढ़ाकर उनको आतंकी गतिविधियों में शामिल कर रहे हैं। 
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दरअसल, पिछले दो सालों में कश्मीर में तमाम बड़े आतंकी कमांडर मारे जा चुके हैं। आतंकी भी बड़े पैमाने पर मारे गए हैं। भारत की सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में भी आतंकियों का टोटा है। जबकि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर भी वैश्विक आतंकी घोषित हो चुका है। इसलिए अब आतंकी गतिविधियां आईएसआई चला रही है। 
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हाल ही में एक खुलासा हुआ है। कठुआ और उधमपुर के छह ओजी वर्करों को पुलिस ने दबोचा। यह सीधे पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के अफसरों के साथ जुड़े हुए थे। जिनके पास से बरामद होने वाले मोबाइल फोन साफ दिखाते हैं कि इन्होंने बड़े स्तर पर जम्मू संभाग के सैन्य ठिकानों की जानकारी पाकिस्तान पहुंचाई। ताकि इन जानकारियों को जुटाकर आतंकी हमले करवाए जा सकें। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के अफसरों का इस तरह से आतंकवाद में शामिल होना एक बड़ी खतरे की घंटी है। 


व्हाटसएप के जरिए ही कालिंग
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के अफसर व्हाटसएप के जरिए ही जम्मू के युवाओं से जुड़ रहे हैं। जिनको स्मार्ट फोन खरीद कर दिए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें बड़े स्तर पर पैसे भी दिए जा रहे हैं। इसी के चलते वह आतंकी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। 
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