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दिनभर पाक गोलीबारी से दहशत मे रहे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 05 Jan 2015 10:13 PM IST
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जिला की सीमावर्ती खोडा फारवर्ड पर सोमवार दोपहर बाद जैसे ही तैनात बीएसएफ जवानों को पाक रेंजरों ने निशाना बनाकर गोलाबारी की उस के बाद भारतीय सुरक्षा बलों के जवानों ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। सीमा पर इस गोलाबारी से गांव में मवेशियों को चारा डालने गए लोगों में अफरा-तफरी का महौल बना गया।
जिसको जो वाहन मिला जान बचाने के लिए भाग निकले। गोलाबारी जब तेज हो गई तो लोग घरों में फंस गए। बाद में बीएसएफ और पुलिस के बख्तरबंद वाहनों से उन्हें सुरक्षित स्थानों के लिए निकाला गया। इसबीच खोडा गांव की वृद्ध कृष्णा देवी ने बताया कि सबसे पहले उन के गांव पर ही गोलाबारी की गई थी वे लोग रेंगते हुए बाहर निकले थे।
उन की दो लड़कियां घर में ही फंस गईं थीं गोलाबारी में परिवार के सदस्य किसी का इंतजार तक नहीं कर पा रहे थे। खोडा के ही सुभाष और बलबीर ने बताया कि पाक की ओर से जैसे ही बीएसएफ के जवानों को निशाना बनाया गया तो उस के बाद दोनों ओर से भीषण गोलाबारी शुरू हो गई।
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उनका गांव बिलकुल जीरो लाईन पर था वे लोग रेंगते हुए घरों से निकले थे। कई गोले उन के आस पास गिरे थे। उन्हें लग रहा था की वह जीवित नही रहेंगे। कुछ दूरी पर बीएसएफ के बख्तरबंद वाहन से उन्हें वहां से निकाला गया था।
यही हाल सीमा के निकट गांव बैनगलाड के लोगों का था गोलाबारी के बीच उन्हें बख्तरबंद वाहनों से निकाला गया था बख्तरबंद वाहन को भी कई गोलियां लगी थीं लेकिन सुरक्षा बलों ने गांवों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य रात तक जारी रखा।
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जिसको जो वाहन मिला जान बचाने के लिए भाग निकले। गोलाबारी जब तेज हो गई तो लोग घरों में फंस गए। बाद में बीएसएफ और पुलिस के बख्तरबंद वाहनों से उन्हें सुरक्षित स्थानों के लिए निकाला गया। इसबीच खोडा गांव की वृद्ध कृष्णा देवी ने बताया कि सबसे पहले उन के गांव पर ही गोलाबारी की गई थी वे लोग रेंगते हुए बाहर निकले थे।
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उन की दो लड़कियां घर में ही फंस गईं थीं गोलाबारी में परिवार के सदस्य किसी का इंतजार तक नहीं कर पा रहे थे। खोडा के ही सुभाष और बलबीर ने बताया कि पाक की ओर से जैसे ही बीएसएफ के जवानों को निशाना बनाया गया तो उस के बाद दोनों ओर से भीषण गोलाबारी शुरू हो गई।
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उनका गांव बिलकुल जीरो लाईन पर था वे लोग रेंगते हुए घरों से निकले थे। कई गोले उन के आस पास गिरे थे। उन्हें लग रहा था की वह जीवित नही रहेंगे। कुछ दूरी पर बीएसएफ के बख्तरबंद वाहन से उन्हें वहां से निकाला गया था।
यही हाल सीमा के निकट गांव बैनगलाड के लोगों का था गोलाबारी के बीच उन्हें बख्तरबंद वाहनों से निकाला गया था बख्तरबंद वाहन को भी कई गोलियां लगी थीं लेकिन सुरक्षा बलों ने गांवों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य रात तक जारी रखा।