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आईबी के पास बढ़ रहीं ओजी वर्करों की गतिविधियां, पाक बढ़ा रहा आतंकी संगठनों का नेटवर्क
Wed, 25 Sep 2019 12:47 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 25 Sep 2019 12:47 PM IST
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- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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कश्मीर में सख्त कार्रवाई के चलते आतंकी अब जम्मू में अपना नेटवर्क मजबूत करने की फिराक में हैं। आतंकियों के लिए काम करने वाले ओवर ग्राउंड वर्कर इस दिशा में सक्रिय होकर काम कर रहे हैं। कठुआ जिले के इंटरनेशनल बार्डर (आईबी) के आसपास रहने वाले युवाओं को अपने साथ जोड़कर ओजी वर्कर अपनी गतिविधियां बढ़ाना चाहते हैं। कुछ महीनों से इस जिले में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
छह माह पहले ही जम्मू के कालूचक आर्मी कैंप के पास दो संदिग्ध युवक पकड़े गए। पता चला कि यह कठुआ के रहने वाले हैं। यह लोग पाकिस्तान में सैन्य ठिकानों की जानकारी भेजते थे। इसके पहले 13 सितंबर 2018 को झज्जर कोटली में मारे गए आतंकियों ने जिस ट्रक का इस्तेमाल किया। यह ट्रक भी कठुआ जिले के हीरानगर क्षेत्र की तरफ से ही आया था। अब 13 सितंबर 2019 को फिर से लखनपुर में आतंकी पकड़े गए।
एक दिन पहले ही कठुआ जिले में विस्फोटक सामग्री मिली है। कठुआ के हीरानगर बार्डर को आतंकी तीन चार साल से काफी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा झज्जर कोटली आतंकी हमले की जांच करने वाली एनआईए की टीम भी कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठन ओवर ग्राउंड वर्करों पर दबाव बना रहे हैं कि वह बार्डर के पास रहने वाले युवाओं से संपर्क बढ़ाएं और उनको अपने साथ जोड़ें। इसके लिए उन्हें मोटी रकम देने के लिए भी कहा जा रहा है।
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छह माह पहले ही जम्मू के कालूचक आर्मी कैंप के पास दो संदिग्ध युवक पकड़े गए। पता चला कि यह कठुआ के रहने वाले हैं। यह लोग पाकिस्तान में सैन्य ठिकानों की जानकारी भेजते थे। इसके पहले 13 सितंबर 2018 को झज्जर कोटली में मारे गए आतंकियों ने जिस ट्रक का इस्तेमाल किया। यह ट्रक भी कठुआ जिले के हीरानगर क्षेत्र की तरफ से ही आया था। अब 13 सितंबर 2019 को फिर से लखनपुर में आतंकी पकड़े गए।
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एक दिन पहले ही कठुआ जिले में विस्फोटक सामग्री मिली है। कठुआ के हीरानगर बार्डर को आतंकी तीन चार साल से काफी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा झज्जर कोटली आतंकी हमले की जांच करने वाली एनआईए की टीम भी कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठन ओवर ग्राउंड वर्करों पर दबाव बना रहे हैं कि वह बार्डर के पास रहने वाले युवाओं से संपर्क बढ़ाएं और उनको अपने साथ जोड़ें। इसके लिए उन्हें मोटी रकम देने के लिए भी कहा जा रहा है।
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कठुआ से बरामद सामग्री को एफएसएल भेजा
कठुआ से पकड़ी गई विस्फोटक सामग्री को पुलिस ने जांच के लिए एफएसएल के पास भेज दिया है। इसमें यह भी पता लगाया जाएगा कि वह कितना शक्तिशाली है।"ऐसी कोई पुख्ता जानकारी तो नहीं है, फिर भी पुलिस की पूरी नजर है। पुलिस की सतर्कता न होती तो यह लोग पकड़े ही नहीं जाते। अब हाल ही में आतंकियों को पकड़ा गया है।" -विवेक गुप्ता, डीआईजी