फायरिंग पीड़ितों के लिए मोदी सरकार की बड़ी पहल!
इसके साथ ही केंद्र की ओर से ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर सीमांत गांवों में पक्के बंकर बनाने का भी फैसला किया गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को सरकार के इस फैसला की घोषणा करते हुए कहा कि दो महीनों में ग्रामीणों को भूमि मिल जाएगी।
उन्होंने बताया कि 5000 ग्रामीणों के लिए 31 सौ कनाल भूमि चिह्नित कर ली गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह बुधवार को प्रशासन की ओर से सीमांत ग्रामीणों के लिए बनाए गए राहत शिविरों में उनका हाल पूछने और उन्हें मिल रही सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचे थे।
महीने में पीड़ित ग्रामीणों को जमीन
इस दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर सीमावर्ती ग्रामीणों के स्थायी पुनर्वास की दिशा में कवायद तेज कर दी है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वह दो महीने में पीड़ित ग्रामीणों को पांच-पांच मरला भूमि आवंटित करने का काम पूरा करें।
छन्न खतरेयां गांव में डॉ. जितेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्लाट के अलावा सीमावर्ती ग्रामीणों के लिए उन्हीं के गांव में पक्के बंकर बनाने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। इस संबंध में बीएसएफ के महानिदेशक के साथ बातचीत हो चुकी है।
साथ ही उन्होंने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में सेना की ओर से इस्तेमाल की जा रही भूमि का साढ़े पांच करोड़ रुपये का लंबित मुआवजा भी जारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
डॉक्टर सिंह ने कहा कि सीमावर्ती गांवों के लिए सशस्त्र बल की विशेष भर्ती रैली भी आयोजित की जाएगी। सीमा पर लगातार हो रहे सीजफायर उल्लंघन पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान मोदी सरकार के मिजाज को परख रहा है, लेकिन भारत उसे माकूल जवाब दे रहा है।