J&K: अब 5 जोन में होगा शिक्षकों का तबादला, स्थानांतरण नीति जारी, जानें किसी जोन में कितना होगा कार्यकाल
अब शिक्षकों के तबादले पांच जोन में किए जाएंगे। जोन एक से लेकर तीन तक में न्यूनतम कार्यकाल तीन साल का होगा। जोन चार में दो साल और जोन पांच में एक साल का कार्यकाल होगा
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वहीं प्रशासनिक पद सीईओ, प्रिंसिपल, हेडमास्टर, जोनल शिक्षा अधिकारी स्तर के कर्मचारियों का एक स्थान पर कार्यकाल न्यूनतम दो वर्ष और अधिकतम तीन वर्ष का होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों के तबादले ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। सभी तबादले ऑनलाइन मोड से ट्रांसफर पोर्टल से किए जाएंगे।
हर साल इसके लिए अधिसूचना जारी की जाएगी। शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले तक तबादला प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ऑफलाइन तबादले केवल सक्षम प्राधिकारी के मंजूरी से किए जाएंगे। कर्मचारियों को जोन एक से चार के बीच रखा जाएगा। जिन कर्मचारियों ने जोन पांच में सेवा दी है, उन्हें जोन एक और दो में सेवाएं देने का मौका दिया जाएगा।
विभाग में नए नियुक्ति कर्मचारियों को जोन तीन से पांच के बीच सेवाएं देनी होगी। जिन कर्मचारियों की नियुक्ति आरबीए और एलसी वर्ग में हुई है, उन्हें उसी क्षेत्र में सेवाएं देनी होगी। वहीं एसआरओ 202 के तहत नियुक्ति कर्मचारियों को पांच साल तक सेवा देने के बाद ही तबादले के लिए योग्य होंगे। वहीं यूटी, संभाग और जिला कैडर के तहत नियुक्ति कर्मचारियों का तबादला उन्हीं के कैडर में होगा। हालांकि किसी स्कूल में किसी विषय के शिक्षकों की कमी हो तो स्कूल शिक्षा निदेशक जरूरी इंतजाम कर सकते हैं।
यह हैं पांच जोन
- जोन एक: जिला मुख्यालय की नगरपालिका सीमा के भीतर।
- जोन दो: नगरपालिका सीमा के 20 किमी दूर।
- जोन तीन: जिला मुख्यालय से 20 से 40 किमी दूर।
- जोन चार: जिला मुख्यालय से 40 किमी से दूर, जहां पर रहने की व्यवस्था करनी हो। ऐसे स्कूल जहां तक वाहन जाने की सुविधा न हो और पैदल चलने की दूरी सात किमी से अधिक हो।
- जोन पांच :इसमें दस जिलों के इलाकों में रखा गया है। किश्तवाड़ के मड़वा, दच्छन, मरवन और पद्दर, रियासी का माहोर और चासना, राजोरी का खवास, डोडा का भलेसा, रामबन का गुल और कारी, कुपवाड़ा का करनाह सेक्टर, केरन, कुपवड़ा, मशेल, तेरांग, बांदीपोरा का गुरेज, अनंतनाग का अशिमुकाम, बारामुला का उड़ी।
'तबादलों में होने वाले भेदभाव में आएगी कमी'
नया तबादला नीति सराहनीय है। इससे तबादलों में होने वाले भेदभाव में कमी आएगी। विभाग ने पहले से ही तय कर लिया है किस जोन में कितने समय का कार्यकाल होगा। हालांकि तबादले के लिए आनलाइन आवेदन मांगे जा रहे है, जो नहीं होना चाहिए। - देवराज ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ जम्मू-कश्मीर।