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Jammu News: अब जम्मू में स्थानीय ठेकेदारों को मिलेगा परियोजनाओं का काम
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बाहरी राज्यों के ठेकेदारों जा रहा परियोजना की आधी राशि : मेयर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नगर निगम में अब सभी परियोजनाओं के कार्य स्थानीय ठेकेदारों के माध्यम से ही करवाए जाएंगे। नई विज्ञापन नीति में सभी 75 वार्डों को शामिल किया जाएगा। यह घोषणा रविवार को मेयर राजिंदर शर्मा ने वित्त और योजना कमेटी की बैठक में की। उन्होंने कहा कि इससे पहले ज्यादातर परियोजनाओं के ठेके अन्य राज्यों के लोगों को मिल रहे थे। इस कारण स्वीकृत राशि का आधा हिस्सा दूसरे राज्यों को चला जा रहा था। इससे स्थानीय लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा।
उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रदेश को जीएसटी अदा करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ पैसा जम्मू-कश्मीर से बाहर जा रहा है, जबकि काम की गुणवत्ता भी सही नहीं है। अब निविदा दस्तावेजों में ऐसी शर्तें रखी जानीं चाहिए कि स्थानीय ठेकेदार अधिक से अधिक बोली प्रक्रिया में भाग ले सकें। इससे स्थानीय लोगों को काम देकर जम्मू की अर्थव्यवस्था को गति मिल सकेगी और राशि जम्मू में ही खर्च हो सकेगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 40 करोड़ की परियोजना है, इसे पांच छोटी परियोजनाओं में विभाजित किया जाना चाहिए, ताकि अधिक लोग काम के लिए आगे आ सकें।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेयर ने जम्मू नगर निगम की विज्ञापन नीति पर भी चर्चा की। अब नगर निगम में पांच जोन बनाए जाएंगे। इससे आय का समान रूप से वितरण हो सकेगा। पंजतीर्थी पार्किंग स्थल कि नीलामी होगी और उच्चतम बोली का प्रस्ताव करने वाली पार्टी पर विचार किया जाएगा। यह भी कहा कि इसी तर्ज पर सड़क किनारे पार्किंग स्थलों की भी नीलामी की जाएगी। राजिंदर शर्मा ने बताया कि पहले पांच पार्षदों के साथ एक समिति गठित की गई थी, जो अनियमितताओं की जांच के लिए थी। पार्किंग स्थलों से होने वाली आय का केवल चार प्रतिशत नगर निगम को दिया जाता था और शेष 96 प्रतिशत राशि संबंधित ठेकेदार के पास जाती है।
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काम की गुणवत्ता की जांच और ऑडिट होगा
यह पहली बार होगा कि गुणवत्ता की जांच और ऑडिट किया जाएगा। इससे पारदर्शिता, जवाबदेही सुनिश्चित करने और सरकारी खजाने को नुकसान से बचाया जा सकेगा। मेयर ने बताया कि संबंधित संस्था की ओर से ऑडिट नि:शुल्क किया जाएगा। एल-1 में आने पर यदि ठेकेदार एक सप्ताह के भीतर अपनी कार्य निष्पादन सुरक्षा राशि जमा नहीं कराते हैं तो उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और आवंटन के 20 दिन के भीतर काम शुरू नहीं करने वालों के साथ ऐसा ही होगा। बताया गया कि नगर निगम जम्मू ने पहली बार एक करोड़ रुपये की कमाई की है। इस वर्ष 107 करोड़ रुपये व्यय किया गया, जो अब तक का सर्वाधिक है।
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जम्मू। नगर निगम में अब सभी परियोजनाओं के कार्य स्थानीय ठेकेदारों के माध्यम से ही करवाए जाएंगे। नई विज्ञापन नीति में सभी 75 वार्डों को शामिल किया जाएगा। यह घोषणा रविवार को मेयर राजिंदर शर्मा ने वित्त और योजना कमेटी की बैठक में की। उन्होंने कहा कि इससे पहले ज्यादातर परियोजनाओं के ठेके अन्य राज्यों के लोगों को मिल रहे थे। इस कारण स्वीकृत राशि का आधा हिस्सा दूसरे राज्यों को चला जा रहा था। इससे स्थानीय लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा।
उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रदेश को जीएसटी अदा करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ पैसा जम्मू-कश्मीर से बाहर जा रहा है, जबकि काम की गुणवत्ता भी सही नहीं है। अब निविदा दस्तावेजों में ऐसी शर्तें रखी जानीं चाहिए कि स्थानीय ठेकेदार अधिक से अधिक बोली प्रक्रिया में भाग ले सकें। इससे स्थानीय लोगों को काम देकर जम्मू की अर्थव्यवस्था को गति मिल सकेगी और राशि जम्मू में ही खर्च हो सकेगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 40 करोड़ की परियोजना है, इसे पांच छोटी परियोजनाओं में विभाजित किया जाना चाहिए, ताकि अधिक लोग काम के लिए आगे आ सकें।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेयर ने जम्मू नगर निगम की विज्ञापन नीति पर भी चर्चा की। अब नगर निगम में पांच जोन बनाए जाएंगे। इससे आय का समान रूप से वितरण हो सकेगा। पंजतीर्थी पार्किंग स्थल कि नीलामी होगी और उच्चतम बोली का प्रस्ताव करने वाली पार्टी पर विचार किया जाएगा। यह भी कहा कि इसी तर्ज पर सड़क किनारे पार्किंग स्थलों की भी नीलामी की जाएगी। राजिंदर शर्मा ने बताया कि पहले पांच पार्षदों के साथ एक समिति गठित की गई थी, जो अनियमितताओं की जांच के लिए थी। पार्किंग स्थलों से होने वाली आय का केवल चार प्रतिशत नगर निगम को दिया जाता था और शेष 96 प्रतिशत राशि संबंधित ठेकेदार के पास जाती है।
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काम की गुणवत्ता की जांच और ऑडिट होगा
यह पहली बार होगा कि गुणवत्ता की जांच और ऑडिट किया जाएगा। इससे पारदर्शिता, जवाबदेही सुनिश्चित करने और सरकारी खजाने को नुकसान से बचाया जा सकेगा। मेयर ने बताया कि संबंधित संस्था की ओर से ऑडिट नि:शुल्क किया जाएगा। एल-1 में आने पर यदि ठेकेदार एक सप्ताह के भीतर अपनी कार्य निष्पादन सुरक्षा राशि जमा नहीं कराते हैं तो उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और आवंटन के 20 दिन के भीतर काम शुरू नहीं करने वालों के साथ ऐसा ही होगा। बताया गया कि नगर निगम जम्मू ने पहली बार एक करोड़ रुपये की कमाई की है। इस वर्ष 107 करोड़ रुपये व्यय किया गया, जो अब तक का सर्वाधिक है।