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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Now industry can be set up in Birpur samba 3278 kanal land is out of the impossible zone.

जम्मू: बीरपुर में अब लग सकेगा उद्योग, 3278 कनाल जमीन को गैर मुमकिन खड्ड से बाहर

Sun, 24 Sep 2023 11:17 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Sun, 24 Sep 2023 11:17 AM IST
सार

सरकार ने बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्टि्रयल एस्टेट से सटे बीरपुर गांव में भूमि प्रयोग में बदलाव किया है। अब यहां की 3278 कनाल जमीन को गैर मुमकिन खड्ड से बाहर कर दिया गया है।

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Now industry can be set up in Birpur samba 3278 kanal land is out of the impossible zone.
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

जम्मू संभाग में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्टि्रयल एस्टेट से सटे बीरपुर गांव में भूमि प्रयोग में बदलाव किया है। अब यहां की 3278 कनाल जमीन को गैर मुमकिन खड्ड से बाहर कर दिया गया है। इन्हें बंजर कदीम घोषित किया गया है। इससे यहां उद्योग लगने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल गैर मुमकिन खड्ड में जमीन होने के कारण यहां किसी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं थी। सरकार ने इलाके का भू प्रयोग बदलने के लिए त्रिस्तरीय समिति का गठन किया था।

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सरकारी प्रवक्ता के अनुसार जो जमीन किसी भी जलस्त्रोत से प्रभावित नहीं थी उसे भी गैर मुमकिन खड, गैर मुमकिन दरिया, गैर मुमकिन नाला आदि के रूप में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था। इलाके के लोग लंबे समय से इसमें बदलाव की मांग कर रहे थे। राजस्व विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार बीरपुर में खसरा नंबर 1734 के तहत 4150 कनाल व चार मरले जमीन को गैर मुमकिन खड्ड के रूप में दर्ज किया गया था।
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राजस्व अधिकारियों ने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के साथ मिलकर विस्तृत अध्ययन किया। विशेष सूचना, मौके पर सत्यापन के आधार पर गांव का बाढ़ की आशंका से जुड़ा नक्शा तैयार किया गया। सरकार की ओर से गठित समिति की संस्तुतियों को मानते हुए 3278.25 कनाल जमीन को बंजर कदीम घोषित किया गया।
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जमीन के सीमांकन के लिए अपनाया गया वैज्ञानिक तरीका

जमीन को बाहर निकालने तथा सीमांकन के लिए वैज्ञानिक तरीके को अपनाया गया। ड्रोन व जीआईएस मैपिंग, डिजिटल टेरेन व डिजिटल एलिवेशन मॉडल का इस्तेमाल किया गया। पास से गुजरने वाले बलोल नाले का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया गया। डाटा के आधार पर बाढ़ की आशंका से जुड़ा नक्शा तैयार किया गया। भूमि के सीमांकन के लिए सभी प्रकार के परिणामों का इस्तेमाल किया गया। विभिन्न एजेंसियां, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग, रिमोट सेंसिंग निदेशालय, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी सेंटर से संपर्क किया गया।


फैसले का स्वागत

बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित महाजन ने कहा कि इस फैसले से ग्राम बीरपुर तहसील बाड़ी ब्राह्मणा जिला सांबा लाभान्वित होगा। नए उद्योग लग सकेंगे। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव अरुण मेहता, डिवकाम रमेश कुमार, प्रमुख सचिव राजस्व डा. पीयुष सिंगला का आभार जताया है। पुरानी मांग को हल किया गया है।

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