अब ऑनलाइन देख पाएंगे अपनी संपत्ति का रिकार्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य के 12 जिलों में भूमि रिकार्ड आधुनिक बनेगा। नेशनल लैंड रिकार्ड मार्डनाइजेशन प्रोग्राम (एनएलआरएमसी) के तहत केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
पहले चरण में एक्शन प्लान के तहत इस प्रोजेक्ट पर 93.39 करोड़ रुपये की लागत आएगी। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि अगर निर्धारित अवधि में राज्य सरकार ने पहले चरण का काम पूरा कर लिया, तो दूसरे चरण में आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी।
पूरे राज्य में इस प्रोजेक्ट पर कुल लागत 184 करोड़ रुपये आने का अनुमान है। राज्य राजस्व विभाग के वित्तीय आयुक्त डा. अरुण कुमार ने यह जानकारी शुक्रवार को दी।
बनाए जाएंगे 248 माडर्न रिकार्ड रूम
केंद्र सरकार द्वारा मंजूर किए गए एक्शन प्लान के तहत अब जम्मू कश्मीर के 12 जिलों में पहले चरण में भूमि रिकार्ड का कंप्यूटरीकरण होगा। एक स्टेट और नौ रीजनल निदेशालय बनाए जाएंगे।
22 जिलों, 217 तहसीलों और 558 नायब तहसीलों में डाटा सेंटर बनाकर 908 राजस्व अधिकारियों को इंटर कनेक्ट किया जाएगा। डाटा सेंटरों में सर्वे, अपडेट लैंड रिकार्ड होगा। इसे अलावा 248 माडर्न रिकार्ड रूम भी बनाए जाएंगे।
डा. अरुण कुमार और जम्मू कश्मीर लैंड रिकार्ड एवं सर्वे के आयुक्त अब्दुल लतीफ देवा ने बताया कि राज्य को पहले ही लैंड रिकार्ड और सर्वे के कंप्यूटरीकरण के लिए पांच राज्यों के क्लब में शामिल किया गया है।