{"_id":"5c716ddebdec2273816671b0","slug":"now-atka-arti-will-be-do-without-interruption","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बिना व्यवधान के कर सकेंगे अटका आरती, वैष्णो देवी यात्रियों को मिलेगी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बिना व्यवधान के कर सकेंगे अटका आरती, वैष्णो देवी यात्रियों को मिलेगी राहत
Sat, 23 Feb 2019 09:29 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 23 Feb 2019 09:29 PM IST
विज्ञापन
गुफा में जाते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैष्णो देवी के दरबार में आने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। अब वे बारिश और ठंड के बीच आराम से अटका आरती के लिए बैठ सकेंगे। प्राकृतिक पुरानी गुफा के बाहर अटका आरती स्थल को टफन ग्लास (गाड़ियों पर लगा ग्लास) से कवर किया जा रहा है। इससे आरती स्थल के चारों ओर की बाउंड्री कवर होने पर उसके भीतर एक समय 350 श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता होगी। अभी बारिश के दौरान यह संख्या घटकर 150 तक रह जाती है।
विज्ञापन
त्रिकुटा पहाड़ियों में सफेद चादर बिछने और सर्दियों में अटका आरती स्थल पर काफी ठंड रहती है। आरती स्थल के चारों ओर से खुले होने के कारण ठंडी हवा के साथ बारिश का पानी भीतर आ जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को कई बार आरती के बीच से उठना पड़ता है। श्रद्धालुओं की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से आरती स्थल को टफन ग्लास से कवर किया जा रहा है।
विज्ञापन
1000 रुपये है आरती में शामिल होने की फीस
अटका आरती में प्रत्येक यात्री से एक हजार रुपये लिए जाते हैं। यह प्रात: 6 से 8 बजे और सायंकाल में 6 से 8 बजे तक दो-दो घंटे होती है। वैष्णो देवी में पहुंचने वाले यात्रियों की एक बड़ी संख्या अटका आरती में बैठती है। वर्ष 2018 में वैष्णो देवी के दरबार में यात्रियों ने पांच साल का रिकार्ड तोड़ा था। पिछले साल करीब 85 लाख भक्तों ने पवित्र पिंडियों के दर्शन किए थे। पिछले साल के अंत में यात्रियों के लिए 85 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए भवन-भैरो घाटी रोपवे सुविधा को शुरू किया गया। उसी साल के 80 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वैकल्पिक यात्रा मार्ग ताराकोट मार्ग को शुरू किया गया। इसे सात साल में तैयार किया गया। यात्रियों को राउंड द क्लॉक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।
विज्ञापन