ये चुनाव के लिए सोचने का वक्त नहीं: उमर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि फिलहाल चुनाव के लिए सोचने का उनके पास समय नहीं है। न ही चुनाव उनकी प्राथमिकता है। इस संबंध में जिन्हें फैसले लेना हैं वह लें।
बाढ़ से लोगों को बचाव, राहत और पुनर्वास, सेवाओं की बहाली और शांति को सुनिश्चित करने को उमर ने अपनी प्राथमिकता बताया है। उमर ने कहा कि शनिवार को 50 ट्रक राशन पीड़ितों में बांटा गया है।
साथ ही उन्होंने कहा कि अगले 36 घंटों में श्रीनगर के सभी इलाकों में राशन सप्लाई कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ में अभी भी करीब डेढ़ लाख लोग फंसे हुए हैं। उमर ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि मौजूदा समय में चुनाव के संदर्भ में सोचने का समय नहीं है।
हालात सुधरे लेकिन अभी भी चिंताजनक
उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त वी संपत कह चुके हैं कि वह बाढ़ पीड़ित जम्मू कश्मीर की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं और चुनाव के बारे में फैसले रियासत की स्थिति को मद्देनजर रखकर ही किया जाएगा।
फैसला वहीं करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री ने उत्तरी कश्मीर में जल स्तर बढ़ने पर चिंता प्रकट करते हुए आशा प्रकट की है कि स्थिति इतनी खराब नहीं होगी जैसे कि घाटी के अन्य क्षेत्रों में है।
उन्होंने कहा कि मध्य कश्मीर में जल स्तर कम हो रहा है लेकिन अभी भी जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर है। सरकार जल स्तर खतरे के निशान से कम होने की प्रतीक्षा कर रही है।
बेहतरीन काम कर रहे सेना और बचाव दल
उन्होंने कहा कि रियासती सरकार के रिकार्ड के अनुसार अभी तक जम्मू संभाग में 129 लोगों की मौत हुई है और कश्मीर घाटीर में 30 से 35 लोगों की मौत की सूचना है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि बाढ़ से बचाए गए लोगों के बारे में सही आंकड़े सेना और एनडीआरएफ के पास हैं। उनकी जानकारी के अनुसार सेना ने करीब 50 हजार लोगों और एनडीआरएफ ने 20 से 30 हजार लोगों को बचाया है। सीमित हेलिकाप्टर होने के बावजूद बचाव अभियान को बेहतर तरीके से करने की कोशिश की जा रही है।