पाक आतंकी नावेद को दिल्ली ले गई एनआईए
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उम्मीद के मुताबिक एनआईए की टीम पाक आतंकी नावेद को अपने साथ दिल्ली ले गई। नावेद से आगे की पूछताछ वहीं की जाएगी। वीरवार को एनआईए प्रमुख शरद कुमार जब नरसू में घटनास्थल का जायजा लेकर जम्मू आ रहे थे, लगभग उसी समय वायुसेना के टेक्निकल एअरपोर्ट से बीएसएफ का विशेष विमान नावेद को लेकर दिल्ली की उड़ान भर रहा था।
उक्त आतंकी 25 अगस्त तक रिमांड पर है। सुबह मीरां साहिब स्थित ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर से नावेद को बुलेट प्रूफ रक्षक वाहन में टेक्निकल एयरपोर्ट लाया गया। नावेद के साथ एनआईए के कुछ अधिकारी थे। एनआईए चीफ सुबह पौने ग्यारह बजे सड़क मार्ग से घटनास्थल पर पहुंचे।
मौके का बारीकी से जायजा लिया। बीएसएफ बस के रूट की जानकारी ली। यह भी जाना कि हमला कहां और कैसे हुआ, नोमान उर्फ मोमिन को किस स्थान पर मारा गया, हमले के बाद नावेद किस ओर भागा, कैसे पांच लोगों को बंधक बनाया।
पुलिस की प्राथमिक जांच में क्या कमी रही
डीआईजी (उधमपुर रियासी रेंज) सुरेंद्र गुप्ता, एसएसपी सुलेमान चौधरी और सुरक्षा बलों के अधिकारी एनआईए प्रमुख को आवश्यक जानकारी देते रहे। शरद कुमार ने पुलिस, ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।
घटनास्थल पर जाकर यह भी रेखांकित किया कि पुलिस की प्राथमिक जांच में क्या कमी रही। सेना, सीआरपीएफ, पुलिस और बीएसएफ के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस बारे में भी बात की कि नोमान उर्फ मोमिन किसकी गोली से मारा गया।
नावेद कैसे पकड़ा गया। इस बारे में अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। उधमपुर और चिनैनी पुलिस ने शरद कुमार को विभिन्न तथ्यों की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस से पूछा कि किस तरह नावेद और मोमिन पूरी रात टमाटर मोड़ में रहे और पुलिस को इसकी जानकारी नहीं मिली।
हाईवे पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस और पुलिस को भी ट्रक के डुप्लीकेट नंबर का पता नहीं चला। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर हाईवे पर सुरक्षा बढ़ाई गई थी। पुलिस की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई थी। इसके बावजूद दोनों आतंकी पांच अगस्त को नरसू में पहुंचकर बीएसएफ बस पर हमला करने में कामयाब रहे।