Exclusive: 100 पेन ड्राइव में अलगाववादियों की साजिश के राज तलाश रही NIA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घाटी में आतंकियों तथा अलगाववादियों को आर्थिक मदद मामले में एनआईए लगातार शिकंजा कस रही है। हुर्रियत (जी) प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ फंटूश से गिलानी के नेतृत्व वाली हुर्रियत को मिलने वाली कथित वित्तीय मदद के बारे में पूछताछ से गिलानी की मुश्किलें और बढ़ी हैं।
कहा जा रहा है कि पूछताछ में ऐसी कुछ बातें सामने आई हैं, जिससे जांच एजेंसी जल्द ही गिलानी से भी पूछताछ कर सकती है। छापे के दौरान बरामद दो दर्जन कंप्यूटर और सौ से अधिक मोबाइल और पेन ड्राइव की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि छापे के दौरान बरामद कंप्यूटर-लैपटॉप, मोबाइल तथा पेन ड्राइव से कई प्रकार के डाटा मिटाने की बात भी छानबीन में सामने आई है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किस-किस प्रकार के डाटा डिलीट किए गए हैं। इन्हें दोबारा से हासिल किया जा सकता है अथवा नहीं।
पेन ड्राइव से मिटाए गए हैं साजिश के सबूत
सूत्रों ने बताया कि इसके लिए टेक्निकल एक्सपर्ट की राय ली जा रही है। यदि डिलीट किए डाटा मिल गए तो फिर जांच में और सहूलियत होगी। सूत्रों ने बताया कि हवाला के जरिये अलगाववादियों तक पैसा पहुंचने के कुछ सुबूत भी जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं।
पूछताछ के लिए जांच एजेंसी ने नामों की सूची और पूछताछ के बिंदुओं को भी तैयार किया है। एनआईए की ओर से अब भी अलगाववादियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उनसे मिलने-जुलने वालों से लेकर हुर्रियत (जी), हुर्रियत (एम) और जेकेएलएफ की रणनीति पर भी निगाह है।
अब कारोबारी बुलाए जा सकते हैं पूछताछ को
सूत्रों का कहना है कि एनआईए की ओर से पीओके से होने वाले कारोबार तथा इससे जुड़े कारोबारियों पर भी पैनी निगाह है। पिछले दिनों जिन कारोबारियों के ठिकानों पर छापे डाले गए थे, उन्हें पूछताछ के लिए जल्द ही दिल्ली बुलाया जा सकता है।
इससे जम्मू और कश्मीर में पीओके से कारोबार से जुड़े कारोबारियों में दहशत है। ज्ञात हो कि गत तीन और चार जून को एनआईए ने श्रीनगर, दिल्ली, हरियाणा तथा जम्मू में अलगाववादियों तथा पीओके से कारोबार से जुड़े 34 ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज जब्त किए थे।