पिछले साल उड़ी, इस बार तंगधार बना निशाना
बावजूद हमला हुआ। वर्ष 2014 में उड़ी के मौहरा सैन्य कैंप में हुआ हमला 5 दिसंबर को हुआ था। इसमें आठ आतंकी मारे गए और एक कर्नल सहित 11 जवान शहीद हो गए। इसी दिन कश्मीर में तीन अन्य आतंकी हमले भी हुए थे।
उड़ी में हुए हमले में पाकिस्तानी कमांडो तक शामिल थे। आतंकियों ने सुबह छह बजे ही हमला किया। कैंप में घुसने के बाद सेना की बैरकों में आग लगा दी। इसमें चार जवान जल गए।
बर्फ गिरने से पहले आतंकी कर जाते हैं बड़ा हमला
तंगधार में हुए हमले में भी आतंकियों ने ऑयल डिपो में ग्रनेड फेंक कर आग लगाने की कोशिश की। उड़ी में आतंकी आधुनिक हथियारों के साथ घुसे थे और तंगधार में भी।
उड़ी हमले के तो सुरक्षा एजेंसियों के पास पुख्ता इनपुट थे। बावजूद इसके हमला हुआ। तंगधार में सैन्य कैंप को हमला बनाने के इनपुट भी थे।
सुरक्षा एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को चेता दिया था कि आतंकी सैन्य कैंपों और बीएसएफ कैंपों को निशाना बना सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि बर्फ गिरने से पहले आतंकी बड़ा हमला करने की फिराक में रहते हैं। पिछले दो सालों से लगातार ऐसा हुआ है।