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रैलियों ने किया क्रिकेट स्टेडियम का कबाड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Sun, 14 Dec 2014 01:40 AM IST
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वर्ष 1983 में विश्वकप के ठीक बाद वेस्टइंडीज और टीम इंडिया के बीच हुए एक दिवसीय मुकाबले का गवाह बना शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम आज अपनी बदहाली पर हो रहा है। इस सीजन सितंबर में बाढ़ के बाद स्टेडियम पर सियासी मार पड़ी है।
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इस स्टेडियम पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कई मुकाबले खेले जा चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) से अनुमति लिए बिना ही स्टेडियम पर प्रधानमंत्री सहित अन्य रीजनल पार्टियों की रैलियां आयोजित करवा दीं।
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इससे स्टेडियम की मुख्य विकेट के साथ ग्राउंड का पूरा ढांचा तबाह हो गया है। जेकेसीए ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त कश्मीर और डीसी से लिखित शिकायत दी है। एसोसिएशन के चेयरमैन अरविंदर सिंह मिक्की का कहना है कि स्टेडियम पर चुनावी रैलियां करवाने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, जिससे स्टेडियम के पुनर्निर्माण में कई महीने लग जाएंगे।
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उल्लेखनीय है कि शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम पर नार्थ जोन बनाम आस्ट्रेलिया के बीच वर्ष 1978 में काउंटी मैच खेला गया था। इसमें कोई नतीजा नहीं निकला। इसी मैदान पर वर्ष 1983 में वेस्टइंडीज और इंडिया के बीच एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला हुआ। यह मैच भारत के विश्व कप जीतने के ठीक बाद हुआ।
इसमें कपिल देव कप्तान रहे। इसमें खराब मौसम के अनुसार नियमों के अनुसार वेस्टइंडीज को विजेता घोषित कर दिया गया। इसी मैदान पर वर्ष 1986 में आस्ट्रेलिया और भारत के बीच एकदिवसीय मुकाबला हुआ। इसमें भी कपिल देव कप्तान रहे और आस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की। इसी मैदान पर हर सीजन में रणजी और अन्य दूसरी प्रतियोगिताओं के मुकाबले आयोजित किए जाते रहे हैं।
स्टेडियम पर प्रमुख विकेट के साथ न्यूजीलैंड से मंगवाकर लगाई गई विशेष घास पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। स्टेडियम पर बारिश के पानी की निकासी के लिए अंडर ग्राउंड पाइप सिस्टम भी जगह-जगह से टूट गया है।
सितंबर में आई बाढ़ में एक हफ्ते से अधिक समय पर स्टेडियम पर पानी जमा रहने से मैदान के अलावा अन्य ढांचे को पहले ही काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद रही-सही कसर चुनावी रैलियों ने पूरी कर दी। इस सीजन बाढ़ से ढांचागत सुविधाएं न होने से पहले ही इस स्टेडियम पर होने वाले रणजी मुकाबलों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है।