हाफिज ने बनाई कश्मीर को तबाह करने की नई साजिश
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इंटरनेशनल बार्डर और एलओसी पर घुसपैठ करने वाले आतंकियों ने मुंह की खाने के बाद रणनीति बदल दी है। जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद ने आतंकियों की घुसपैठ के लिए पाक सेना और पाक रेंजरों का सहारा लेना कम कर दिया है।
आतंकी अब घुसपैठ के लिए एलओसी और आईबी पर ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) का सहारा लेंगे। इसके लिए गुमनाम और घने जंगलों वाले नालों और गहरी नदियों का सहारा लेंगे। इसका उदाहरण सोमवार को तब मिला, जब तीन आतंकी अखनूर के परगवाल सेक्टर में घुसपैठ करने में कामयाब हो गए और उधमपुर तक पहुंच गए।
सूत्रों के अनुसार जनवरी माह में हीरानगर, सांबा, आरएस पुरा, अरनिया सेक्टर के इंटरनेशनल बार्डर पर 11 बार घुसपैठ का प्रयास किया गया। इसके लिए पाक रेंजरों ने कवर फायर देने के लिए संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। बावजूद इसके घुसपैठियों ने मुंह की खाई।
11 बार विफल हुई आतंकियों की घुसपैठ
बारामुला, सोपोर, कुपवाड़ा, राजोरी, पुंछ और अखनूर क्षेत्र की एलओसी पर घुसपैठ के लिए जनवरी में करीब 10 बार घुसपैठ का प्रयास किया गया और यहां भी कवर फायर देने के लिए संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ। एलओसी और आईबी दोनों पर ही आतंकियों की घुसपैठ नाकाम हुई।
खुफिया एजेंसियों के पास इनपुट आए हैं कि हाफिज सईद ने आतंकी संगठनों के साथ बैठक कर पाकिस्तान और भारत दोनों में ही आईबी और एलओसी पर सक्रिय ओजी वर्करों की मदद लेने के लिए कहा है। वह आतंकियों की घुसपैठ में मदद करेंगे। घुसपैठ के लिए नालों और नदियों को चुना गया है।
आतंकियों का रणनीति बदलने का एक पहलु भी यह भी हो सकता है। पाक रेंजर भारतीय जवानों का ध्यान बंटाने के लिए संघर्ष विराम का उल्लंघन कर सकते हैं और घुसपैठ एलओसी से की जाएगी, क्योंकि आईबी की तुलना में एलओसी पर अधिक जंगल और पहाड़ी इलाके हैं।