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तो इसलिए मिलावट नहीं रोक पा रहा निगम
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 12 Mar 2015 07:52 PM IST
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नगर निगम के हेल्थ विंग को डी-नोटिफाई करने के बाद से मिलावटी खाद्य पदार्थों के डेढ़ दर्जन मामले लटक कर रह गए हैं। सैंपल उठाने या जांच करने की पावर खत्म होने से हेल्थ विंग और फूड सेफ्टी अफसर जहां खुद को काम से बेकार महसूस कर रहे हैं, वहीं हेल्थ विंग की ओर से मिलावटी खाद्य पदार्थों के मामलों को कानूनी प्रक्रिया के लिए आगे नहीं बढ़ाया जा सका है।
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ऐसे में डेढ़ दर्जन सैंपल हेल्थ विंग के स्टोर में सड़ने के लिए पड़े हैं। नगर निगम, हेल्थ विंग के फूड सेफ्टी अफसरों ने करीब सैकड़ों मिलावटी खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे थे, जिन्हें लैबोरेटरी जांच के लिए भेजा था। फिर रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों के डेढ़ दर्जन सैंपल मिस ब्रांडेंड और सब-स्टैंडर्ड निकले थे।
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इन सैंपलों को फूड सेफ्टी अफसरों ने कानूनी प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाना था, लेकिन इसी बीच 25 अक्तूबर, 2014 को सरकार की ओर से हेल्थ विंग को डी-नोटिफाई कर दिया गया, जिसके तहत अब हेल्थ अफसर या उनके फूड सेफ्टी अफसर बाजार, दुकानदार, हलवाई, मिठाई वर्कशाप, रेहड़ी, फड़ी या ढाबों में खाद्य पदार्थों की जांच करने का अधिकार नहीं रखते हैं।
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हेल्थ विंग ने शहर के अलग-अलग हिस्सों से दूध, दही, पनीर, खोया, गुलाब जामुन और पेठा सहित अन्य कई खाद्य पदार्थों के सैंपल उठाएं थे, जिनमें से डेढ़ दर्जन खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट पाजिटिव आने पर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के लिए आगे भेजना था, जो कि डी-नोटिफाई होने के बाद संभव नहीं है।
उच्चाधिकारियों के रुचि लेने पर निर्भर
हेल्थ अफसर डा. मोहम्मद सलीम खान के मुताबिक मिलावटी खाद्य पदार्थों के मामले आगे जांच करने पर उच्चाधिकारियों को रुचि लेनी होगी, ताकि आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।