{"_id":"584d5cdc4f1c1b753a2c35fa","slug":"new-jobs-for-youth-of-jammu-kashmir","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर में खुलेंगे रोजगार के नए द्वार : राजनाथ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर में खुलेंगे रोजगार के नए द्वार : राजनाथ
ब्यूरो, अमर उजाला/कठुआ
Updated Sun, 11 Dec 2016 07:34 PM IST
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कार्यक्रम में मौजूद गृहमंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : Amar Ujala
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गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में युवकों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के संदर्भ में संवेदनशील रही है। केंद्र में ऐसी सरकार है जो सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उसे पूरा करने में विश्वास रखती है। जम्मू कश्मीर में इंडियन रिजर्व बटालियन की पांच नई कंपनियां स्थापित होंगी, जिसमें 60 प्रतिशत पद रियासत के युवकों से भरे जाएंगे।
शहीदी दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि दस हजार एसपीओ की भी भर्ती हो रही है। एसपीओ का मानदेय भी बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से सरकारों के नुमाइंदों ने इतने वादे किए कि उनमें से कुछ फीसदी भी पूरा हो गए होते तो भारत की तस्वीर बदल जाती, लेकिन महज वादे होते रहे। इससे राजनेताओं के प्रति अविश्वास का भाव पैदा हुआ।
पिछली सरकारों की कथनी और करनी में अंतर रहा। हम काम करने में विश्वास रखते हैं। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में काम हो रहा है। सीमावर्ती लोगों की समस्याओं के प्रति भी केंद्र गंभीर है।
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उन्होंने कहा कि पीएमओ में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह अक्सर उनसे मिलकर जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का जिक्र करते हैं।
उनमें से कई मामलों का समाधान हो चुका है और बाकी के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने समारोह के आयोजक जम्मू कश्मीर के वन और पर्यावरण मंत्री चौधरी लाल सिंह को समस्याओं पर चर्चा के लिए दिल्ली आमंत्रित किया। लाल सिंह ने कंडी क्षेत्र में नशाखोरी के बढ़ते चलन की ओर गृह मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया था।
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शहीदी दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि दस हजार एसपीओ की भी भर्ती हो रही है। एसपीओ का मानदेय भी बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से सरकारों के नुमाइंदों ने इतने वादे किए कि उनमें से कुछ फीसदी भी पूरा हो गए होते तो भारत की तस्वीर बदल जाती, लेकिन महज वादे होते रहे। इससे राजनेताओं के प्रति अविश्वास का भाव पैदा हुआ।
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पिछली सरकारों की कथनी और करनी में अंतर रहा। हम काम करने में विश्वास रखते हैं। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में काम हो रहा है। सीमावर्ती लोगों की समस्याओं के प्रति भी केंद्र गंभीर है।
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उन्होंने कहा कि पीएमओ में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह अक्सर उनसे मिलकर जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का जिक्र करते हैं।
उनमें से कई मामलों का समाधान हो चुका है और बाकी के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने समारोह के आयोजक जम्मू कश्मीर के वन और पर्यावरण मंत्री चौधरी लाल सिंह को समस्याओं पर चर्चा के लिए दिल्ली आमंत्रित किया। लाल सिंह ने कंडी क्षेत्र में नशाखोरी के बढ़ते चलन की ओर गृह मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया था।
जम्मू-कश्मीर भारत का मुकुट, पाक मुगालते में नहीं रहे
कार्यक्रम में मौजूद गृहमंत्री और अन्य
- फोटो : Amar Ujala
राजनाथ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का मुकुट है। हम अपने मुकुट की शान को बनाए रखेंगे। पाकिस्तान चार बार जंग लड़ चुका है। हर बार उसे हार मिली है। पिछली लड़ाई कारगिल में हुई, वहां भी पाक को शिकस्त मिली। उसके दांत खट्टे हुए। हमारे जवानों ने पाकिस्तान के हौसले पस्त किए। पाकिस्तान किसी मुगालते में नहीं रहे।
आईएसआईएस भारत की जमीन पर नहीं पनप सका
राजनाथ ने कहा कि भारत के मुसलमानों के देशभक्ति के कारण देश में आईएसआईएस पैर नहीं पसार पाया। दुनिया आईएसआईएस के बारे में चिंतित है। हमारे यहां यह संगठन जड़ें नहीं जमा सका, इसके लिए मुसलमान समाज धन्यवाद का पात्र है। मुसलमानों में 72 फिरके होते हैं और सभी फिरके किसी भी मुस्लिम देश में नहीं रहते हैं। सारे फिरके सिर्फ हिंदुस्तान में रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबको साथ लेकर चलने की नीति पर अमल किया है।
आईएसआईएस भारत की जमीन पर नहीं पनप सका
राजनाथ ने कहा कि भारत के मुसलमानों के देशभक्ति के कारण देश में आईएसआईएस पैर नहीं पसार पाया। दुनिया आईएसआईएस के बारे में चिंतित है। हमारे यहां यह संगठन जड़ें नहीं जमा सका, इसके लिए मुसलमान समाज धन्यवाद का पात्र है। मुसलमानों में 72 फिरके होते हैं और सभी फिरके किसी भी मुस्लिम देश में नहीं रहते हैं। सारे फिरके सिर्फ हिंदुस्तान में रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबको साथ लेकर चलने की नीति पर अमल किया है।