G20 Meeting: राष्ट्रीय पर्यटन नीति की घोषणा जल्द, केंद्र सरकार देगी 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति
संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि हम जल्द ही भारत के लिए एक राष्ट्रीय पर्यटन नीति घोषित करने जा रहे हैं। साथ ही एक वैश्विक पर्यटन निवेश शिखर सम्मेलन की योजना बना रहे हैं।
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केंद्र जल्द ही एक राष्ट्रीय पर्यटन नीति की घोषणा करेगा और वैश्विक पर्यटन निवेश शिखर सम्मेलन की भी योजना है। यह बातें केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत की मौजूदगी में तीन दिवसीय जी20 कार्य समूह की बैठक के हिस्से के रूप में आर्थिक और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए फिल्म पर्यटन पर एक साइड इवेंट के समापन पर श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कांफ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में आयोजित प्रेसवार्ता में कहीं।
संस्कृति और पर्यटन मंत्री रेड्डी ने कहा कि हम जल्द ही भारत के लिए एक राष्ट्रीय पर्यटन नीति घोषित करने जा रहे हैं। साथ ही एक वैश्विक पर्यटन निवेश शिखर सम्मेलन की योजना बना रहे हैं। केंद्र पर्यटन में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दे रहा है।
हमारा विचार है कि निजी निवेश के बिना हम एक वैश्विक गंतव्य नहीं बन सकते। केंद्र सरकार और पर्यटन मंत्रालय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
केंद्र सरकार भी सभी जी20 देशों के साथ काम कर रही है और स्थायी पर्यटन के विकास के लिए देशों को आमंत्रित किया है। जम्मू-कश्मीर में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की जबरदस्त गुंजाइश है।
कश्मीर में बैठक हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण : शेरपा अमिताभ कांत
जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि कश्मीर में बैठक हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारत वैश्विक अशांति के समय में जी20 अध्यक्षता की मेजबानी कर रहा है। सत्तर फीसदी देश ऋण संकट का सामना कर रहे हैं। लोगों की नौकरियां चली गई हैं। लेकिन, भारत जी20 को एक अवसर के रूप में देखता है।
हम लगभग सात प्रतिशत की उच्च दर से बढ़ रहे हैं। 40 मिलियन घर बनाए हैं, 110 मिलियन लोगों को शौचालय कनेक्शन और 240 मिलियन लोगों को पेयजल कनेक्शन प्रदान किए हैं। 55000 किलोमीटर सड़कें बनाई हैं। समावेशी, लचीला और टिकाऊ विकास हमारी प्राथमिकता है।
अगर विकास होता है तो हम लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सक्षम होंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों को बदलने की जरूरत है कि संसाधन उभरते देशों में प्रवाहित हों।
भारत ने जी20 को लोगों की अध्यक्षता बनाने के बारे में सोचा था और देश 60 शहरों में जी20 कार्यक्रमों की मेजबानी कर रहा है। यह अद्वितीय है। कश्मीर में बैठक हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम शांति और समृद्धि में विश्वास करते हैं।