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रहस्यमय बीमारी से ग्रामीणों में दहशत, जांच में जुटे डॉक्टर

Mon, 01 Feb 2016 09:43 PM IST
Updated Mon, 01 Feb 2016 09:43 PM IST
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Mysterious illness rural upset

कठुआ जिले के गोविंदसर गांव और सटे इलाकों में रहस्यमय बीमारी से जूझ रहे ऐसे दर्जन मामले हैं, जिसके शिकार बच्चे या तो पैदाइशी अंगहीन हैं या फिर शरीर के विकास क्रम में उनके लिए चलना-फिरना तो दूर अपने हाथों से निवाला खाना भी मुश्किल हो गया।

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गोविंदसर और आसपास के इलाकों में दर्जनों बच्चों के रहस्यमय बीमारी की चपेट में आने की वजह जानने के लिए विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम सोमवार को गोविंदसर गांव पहुंची। अपर प्राइमरी हेल्थ सेंटर गोंविदसर में बच्चों की गहन जांच की गई।
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इस टीम में शिशु, हड्डी, नेत्र रोग विशेषज्ञों के साथ ही दिमाग की जांच करने वाले डाक्टर भी शामिल रहे। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बसंत कुमार शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशालय को बीमारी पर शोध के लिए लिखा गया था, जिसके बाद स्वास्थ्य निदेशक ने पांच डाक्टरों की टीम को गोंविदसर भेजा है।

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स्वास्थ्य अमले के साथ आपात बैठक

Mysterious illness rural upset

सोमवार को कठुआ के औद्योगिक क्षेत्र से सटे गोविंदसर गांव में पहुंची विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. डीजे रैणा में मौके पर ही स्वास्थ्य अमले के साथ आपात बैठक की।

इस दौरान मलेरिया विभाग की टीम के साथ राष्ट्रीय बाल शिशु कार्यक्रम के अमले को पांच टीमों में बांटकर सर्वे करने के निर्देश दिए गए।

रहस्यमय बीमारी से ग्रस्त बच्चों की सही से पहचान के बाद उनकी बीमारी के लक्षणों, पूर्व की मेडिकल रिपोर्ट, आसपास के वातावरण और परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति पर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। मौके पर गठित की गई ये टीमें सीधे स्वास्थ्य निदेशालय के संपर्क भी होंगी, ताकि सर्वेक्षण के बाद कारणों से हुए शोध पर निष्कर्ष निकाला जा सके।

ज्यादातर बच्चों को जम्मू के अस्पताल में ले जाने की जरूरत

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गोविंदसर में पीड़ित बच्चों का इलाज कर रहीं ईएनटी विशेष डॉ. मोनिका खजूरिया के अनुसार उनके पास जो मामले रेफर किए गए हैं, उन्हें जम्मू के अस्पताल में अधिक जांच की आवश्यकता है।

दवाओं से पहले कारणों की जांच जरूरी है, जिसके लिए कई तरह के टेस्ट किए जाने जरूरी हैं। ऐसे में इन बच्चों को जम्मू ले जाने की आवश्यकता है।

सोमवार को विशेषज्ञ डाक्टर तो अपर प्राइमरी हेल्थ सेंटर में पहुंचे लेकिन मरीजों को लिखी गई दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पाई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य अमले को बच्चों को लिखी गई दवाइयों और जांच का ब्योरा सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही डाक्टरों द्वारा लिखी गई दवाइयां मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध करवा दी जाएंगी।

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